चंडीगढ़, फेस2न्यूज:
आम आदमी पार्टी ने कोटकपुरा गोलीकांड में पेश चालान को लेकर विपक्षी दलों शिरोमणि अकालीदल और कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि नेक नीयत और ईमानदारी से किया गया हर काम सफलता की ओर ले जाता है।अच्छी नीयत से ही सफलता मिलती है। मान सरकार ने बादलों के खिलाफ चालान पेश कर स्पष्ट कर दिया है कि गुरु साहिब का अपमान करने वाले और पंजाब के खिलाफ साजिश रचने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। (SUBHEAD)
'आप' अनुसार अकाली-भाजपा और कांग्रेस सरकारों की नीयत की कमी के कारण बेअदबी और गोलीकांड के मामलों में न्याय मिलने में इतनी देरी हुई है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री मान ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, “कोटकपुरा गोलीकांड के आरोपियों और साजिशकर्ताओं के चेहरे का हुआ पर्दाफाश… करोड़ों लोगों की भावनाओं को शांति मिलेगी…।
उल्लेखनीय है कि एडीजीपी लालकृष्ण यादव की अध्यक्षता वाली एसआईटी ने कोटकपुरा फायरिंग मामले में यह चालान पेश किया, जिसमें पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल और पूर्व डीजीपी सुमेध सैनी के नाम भी शामिल हैं। एसआईटी चालान के मुताबिक इन मामलों में पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने घटनाओं को अंजाम देने में मदद की थी। चालान में दायर 7000 पन्नों की चार्जशीट में प्रकाश सिंह बादल, सुखबीर सिंह बादल और पूर्व डीजीपी सुमेध सैनी को आईपीसी की धारा 323,324,504 के तहत नामजद किया गया है।
इस संबंध में शुक्रवार को चंडीगढ़ में पंजाब सरकार के मंत्री डॉक्टर इंदरवीर सिंह निज्जर के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि अकाली-भाजपा और कांग्रेस सरकारों की नीयत में कमी के कारण बेअदबी और गोलीकांड के मामलों में न्याय में इतनी देरी हुई है। लेकिन इस चार्जशीट के जरिए कोटकपुरा गोलीकांड के आरोपियों और साजिशकर्ताओं के चेहरे बेनकाब हो गए हैं।
अरोड़ा ने कहा कि लंबे समय से हर एक पंजाबी और श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के भक्त 2015 में हुई बेअदबी और उसके बाद कोटकपुरा गोलीकांड में शहीद हुए दो युवकों के लिए न्याय की गुहार लगा रहे हैं और पिछले साढ़े सात साल से इसके लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस दौरान कई एसआईटी और न्यायिक आयोगों का गठन किया गया लेकिन न्याय नहीं मिला।
उन्होंने कहा कि जो पार्टी धर्म की पार्टी हुआ करती थी, उस पार्टी ने ही धर्म के खिलाफ इतना बड़ा अपराध किया है।
अरोड़ा ने कहा कि चार्जशीट में षड्यंत्रकारियों से लेकर शूटरों और सबूतों से छेड़छाड़ तक सभी को नामजद किया गया है। एसआईटी अनुसार पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी और तत्कालीन गृह मंत्री सुखबीर सिंह बादल ने अपनी सरकार की लापरवाही को छिपाने के लिए अवैध तरीके से बल प्रयोग करने की साजिश रची थी। ये दोनों मास्टरमाइंड हैं। इसके अलावा इस चार्जशीट में आई.जी. परम राज उमरानंगल (साजिशकर्ता), डी.आई.जी. अमर सिंह चहल (साजिशकर्ता), एसएसपी सुखमंदर सिंह मान (तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करना), एसएसपी चरनजीत सिंह (साजिश को अंजाम देने वाला), एसएचओ गुरदीप सिंह (तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर पेश करना) के नाम भी आरोप लगाए गए।
उन्होंने आगे कहा कि हमने पंजाब के लोगों से इस मामले की जांच को अंजाम तक पहुंचाने का वादा किया था और आज हमने उस वादे को पूरा किया है। अगली कार्रवाई को न्यायालय द्वारा किया जाएगा।
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कोटकपुरा गोलीकांड: आरोपियों और साजिशकर्ताओं के चेहरे का हुआ पर्दाफाश
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