Sunday, 19 July 2026
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गुरु-शिष्य परम्परा के महत्व पर डाला प्रकाश

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चंडीगढ़, फेस2न्यूज:
राजकीय योग शिक्षण व स्वास्थ्य महाविद्यालय चंडीगढ़ में प्रिंसिपल डॉ नंदा के मार्गदर्शन में चल रही पांच दिवसीय योग व आयुर्वेद जागरुकता कार्यशाला में भारतीय शिक्षण मंडल से पधारे, महासचिव डॉ अरविंद दिवेदी ने व्यास पूर्णिमा के पावन उपल्क्ष पर बोलते हुए गुरु शिष्य परम्परा के महत्व प्रकाश डालते हुए गुरू नानक देव, गुरु अंगद देव, महाराजा बली, शुक्राचार्य, चाणक्य व चंद्र गुप्ता, भगवान पुरुषोत्तम श्री राम, पांडवों व उनके के गुरु द्रोणाचार्य सहित अनेकों उद्दाहरण देकर विस्तृत जानकारी दी। वहीँ प्रो डॉ राजेश झंब, कोषाध्यक्ष भारतीय शिक्षण मंडल ने नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति के बारे में जानकारी दी। आज के कार्यक्रम में स्वागत व परिचय संस्कृत शिक्षक डॉ गुणनिधि शर्मा व धन्यवाद डॉ राजीव उप्पल ने किया।
प्रिंसिपल डॉ सपना नंदा के नेतृत्व में राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के अंतर्गत राजकीय योग शिक्षण व स्वास्थ्य महाविद्यालय चंडीगढ़ में पांच दिवसीय योग व आयुर्वेद जागरुकता कार्यशाला के तीसरे दिन प्रतिदिन की भांति ईश्वर वंदना करने के बाद आयुर्वेदाचार्य डॉ श्याम प्रिया आयुर्वेद स्वास्थ्य प्रणाली के क्षेत्र में प्रसिद्ध व प्रमुख उत्प्रेरक ने भारतीय काल दर्शन अनुसार बारह महीनों, षट ऋतुओं, षट रस, आहार विवहार पर चर्चा करते हुए भारतीय संस्कृति पर्व, त्योहारों व इतिहास की महानता को बताया।
तत्पश्चात दूसरे सत्र में योग शिक्षक डॉ महेंदर व उनके साथी श्री हरीष तनेजा ने प्राणायाम की आवश्यकता व महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए सभी प्रतिभागीयों को इसका सामुहिक अभ्यास करवाया। प्रथम सत्र में डॉ श्याम प्रिया व महाविद्यालय की योग शिक्षका अनुप्पंमा कौशल ने योग की शुद्धि क्रिया (षटकर्म) की आवश्यकता व विधि के बारे में बताया ।
शिक्षक श्री कुलवंत सिंह ने आगे के दो दिन के कार्यक्रम की सार्थकता व भूमिका बताई व प्रतिभागियों को अधिक से अधिक संख्या में इस अभियान में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।