डेराबस्सी, कृत्रिका:
सुंडरा गांव के लोगों ने एक टैंकर चालक को गंदे पानी वाले केमिकल युक्त गंदे पानी के ट्रैक्टर के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया, लेकिन फैक्ट्री प्रबंधन ने उसे मौके से ही खदेड़ दिया। जिसके चलते ग्रामीणों ने फैक्ट्री के बाहर धरना दिया और नारेबाजी की। फैक्ट्री के खिलाफ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में शिकायत भी की गई है। गौरतलब है कि इससे पहले विधायक रंधावा ने बरवाला रोड स्थित हंसा इंडस्ट्री पार्क के पास खेतों में दूषित पानी डालने वाले टैंकर चालक को भी पुलिस को सौंपा था। पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कर ट्रैक्टर चालक को गिरफ्तार कर लिया। उसके बाद भी, डेराबस्सी क्षेत्र में सीवरेज और नालियों के माध्यम से रासायनिक अपशिष्ट जल का बहाव जारी है।
मिली जानकारी अनुसार ग्रामीणों ने बताया कि सुंडरा गांव में बनी एकम्स लाइफ साइंस फैक्ट्री दवा बनाने का काम करती है। उन्होंने कहा कि उक्त कंपनी रात के अंधेरे में रासायनिक अपशिष्ट जल सड़क किनारे खेत में छोड़ती है। ग्रामीणों ने टैंकर चालक को रंगेहाथ पकड़ लिया। स्थानीय लोगों ने बताया कि जब्त टैंकर में भारी मात्रा में रसायन युक्त दूषित पानी भरा हुआ था। उन्होंने कहा कि उक्त फैक्ट्री टैंकरों में रासायनिक अपशिष्ट जल भरती है और डेराबस्सी क्षेत्र के खुले स्थानों में छोड़ती है। उन्होंने बताया कि उक्त कंपनी से निकले रासायनिक कचरे वाले टैंकर ट्रैक्टर को ग्रामीणों ने पकड़ लिया था। कंपनी प्रबंधकों ने मौके का फायदा उठाकर वहां से भाग दिया। ग्रामीणों ने जब कंपनी प्रबंधन से गंदा पानी बाहर खेतों में डालने के बारे में पूछा तो उनका कहना था कि उन्हें किसी का डर नहीं है, सरकार तक उनकी पहुंच है।
गांव वासियों ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों से डेराबस्सी क्षेत्र के सभी रासायनिक कारखानों की जांच करने और प्रदूषण फैलाने के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है ताकि डेराबस्सी क्षेत्र के लोगों की जान बचाई जा सके। उन्होंने बताया कि कुछ माह पूर्व उक्त कंपनी पर प्रदूषण फैलाने के अपराध में दो लाख का जुर्माना भी लगाया गया। उन्होंने कहा कि डेराबस्सी क्षेत्र के लोगों को रोजगार देने की आड़ में केमिकल कंपनियों के मालिक बारिश के नाले में दूषित पानी फेंक कर जहर फैला रहे हैं, जिससे लोग गंभीर बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। क्षेत्र में प्रदूषण के चलते डेराबस्सी विधानसभा क्षेत्र में कैंसर ने अपनी जड़ें जमा ली हैं, जिससे अब तक सैकड़ों लोगों की कीमती जाने जा चुकी है। गांववासियों ने कहा कि पिछली सरकारों और इलाके के नामी लोगों ने अपने निजी हितों के लिए लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने क्षेत्र के लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि यदि किसी प्रकार का प्रदूषण फैलाने की सूचना मिलती है तो इसकी सूचना सुंडरा गांव के युवाओं को दी जाए, वे ऐसे तत्वों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करेंगे। कुछ दिन पहले विधानसभा क्षेत्र के विधायक कुलजीत सिंह रंधावा ने डेराबस्सी इलाके में पीसीपीएल फैक्ट्री और मोलसन कोर बीयर फैक्ट्री में छापा मारकर केमिकल युक्त गंदे पानी के सैंपल लिए थे, लेकिन आज भी उस रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है।
क्या कहते हैं कंपनी प्रबंधक:
जब कंपनी के एचआर हेड बुलंद इकबाल सिंह से बात की तो उन्होंने कहा कि हमारी फैक्ट्री से कोई प्रदूषण या रासायनिक अपशिष्ट जल नहीं निकल रहा है। उन्होंने कहा कि गांव के कुछ लोगों द्वारा उनकी कंपनी को बदनाम करने की साजिश रची जा रही है।
क्या कहते हैं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी:
जब इस बारे में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एक्सियन गुरशरण दास गर्ग से बात की तो उन्होंने कहा कि उन्हें एकम्स लाइफ साइंस फैक्ट्री कंपनी के खिलाफ ग्रामीणों द्वारा दी गई शिकायत मिली है। जिसकी गहनता से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण फैलाने का कोई मामला प्रकाश में आने पर उक्त कंपनी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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ग्रामीणों ने फैक्ट्री पर गंदा पानी फेंककर प्रदूषण फैलाने का आरोप लगाया
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