जीरकपुर, कृत्रिका:
नगला रोड पर स्थित कई सोसाइटी को सीवरेज से निजात दिलाने के लिए करीब महीने पूर्व सीवरेज लाइन डाली गई और यह डेढ़ किलोमीटर लंबी सीवरेज लाइन डालने के लिए एक करोड़ 34 लाख रूपये लगाए गए थे। जो एक महीने में ही मिट्टी में मिल गए हैं। सीवरेज लाइन कई जगहों से लीक हो गई है और करीब आधा किलोमीटर लाइन धस गई है। जिस कारण सीवरेज का पानी सड़क पर फैल गया है और सड़क भी टूटनी शुरू हो गई है। सड़क पर पानी इतना ज्यादा फैल गया है कि लोगों का सड़क से निकलना मुश्किल हो गया है। हालांकि यह सड़क सोसाइटीयों से होकर 200 फीट चौड़ी रिंग रोड से जाकर मिलती है और इस सड़क पर एक बड़ा प्राइवेट स्कूल व कई सोसाइटिज मौजूद है। जो इसी सड़क का इस्तेमाल करते हैं। वहीं यह सड़क जाम से बचने क्व लिए लोगों के लिए राम बाण साबित होती है। लेकिन सीवरेज ओवरफ्लो होने से सड़क के यह हालात हो गए हैं कि लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है। लोगों का कहना है कि हमे सुविधा की जगह दुविधा पैदा हो गई है। इसका जल्द हल किया जाए ताकि उन्हें आने जाने में परेशानी ना हो। स्थानीय लोगों का कहना है इससे अच्छा तो हम पहले ही थे कम से कम आने जाने में समस्या तो नही हो रही थी। जब पहले लाइन डाली गई थी, तो उस समय भी काफी दिन रोड बंद रखा गया था। लोगों ने मांग की है कि उनकी समस्या का जल्द समाधान किया जाए।
एक महीने में टूटी सीवर लाइन कौन है इसका जिम्मेवार:
पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार है और आप सरकार ने दावा किया था कि भ्र्ष्टाचार करने वाले व गलत काम करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नगला रोड पर डाली इस सीवरेज लाइन के टूटने के कारण लोगों का कहना है कि जिस भी ठेकेदार ने यह लाइन डाली है उसकी जांच होनी चाहिए। एक महीने के अंदर सड़क का टूटना हैरानी की बात है। स्थानीय लोगों ने विधायक रंधावा से मांग की है कि वह ऐसे ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। लोगों ने बताया कि यह सीवर लाइन डेढ़ करोड़ की लागत से बनाई गई है और एक महीना भी नहीं चली। सरकारी पैसा बर्बाद करने वाले लोगों खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
यह लाइन सीवरेज बोर्ड ने डाली हैं, उन्हें इसके बारे में सूचना दे दी गई है। बुधवार को काऊंसिल की टीम भी अपने स्तर पर जांच करने जाएगी।
—कुलवंत सिंह, जेई नगर काऊंसिल जीरकपुर
सीवर लाइन धंसी नही है बल्कि मिट्टी बैठी है। इसमें अब ओर मिट्टी डाली जाएगी। सीवरेज के आखिर में आधा किलोमीटर से भी कम सीवर लाइन है, जो लीक हो रही है। इस ओर लेवल नीचे होने के कारण सीवरेज ओवरफ्लो हो रहा है। जहां से लीकेज हो उसे वहां से प्लग कर आगे वाले हिस्से का ओर हल किया जाएगा।
— रजनीश, एसडीओ सीवरेज बोर्ड डेरा बस्सी।
ऐसी बात है तो में चैक करवा लेता हूं, जो भी अधिकारी या ठेकेदार इसमें दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ बनती कार्रवाई की जाएगी।
— कुलजीत सिंह रंधावा, विधायक डेराबस्सी