जीरकपुर, कृत्रिका:
पीरमुछल्ला क्षेत्र में स्थित 100 एकड़ में बने हर्बल पार्क की हालत खस्ता हो चुकी है। काऊंसिल द्वारा लगाए गए लाखों रूपये बर्बाद हो रहे हैं, पार्क में बैठने के लिए लगाए गए बैंच टूट चुके हैं और पार्क में लगी फेंसी स्ट्रीट लाइट भी चोरी हो चुकी। पार्क में इस समय हालात यह हैं कि फूलों का स्थान जंगली घास और झाड़ियों ने लिया है। पार्क में बचा है तो मात्र एक ट्रैक जिस पर लोग दोपहर के समय से सैर करते हैं, क्योंकि लाइट ना होने की वजह से लोग शाम के समय इस क्षेत्र में सैर तो दूर आना भी पसंद नही करते हैं। पार्क में पीने वाले पानी के लिए दो बोर भी किए गए थे जो बंद पड़े है। गर्मियों के मौसम में सैर करने वाले लोगों का काफी परेशानी होती है। जंगली एरिया में यह हर्बल पार्क बनाया गया था ताकि लोगों को इसका फायदा मिल सके। इस समय हालात यह हैं कि लोग केवल 3-4 बजे से पहले पहले सैर कर अपने घरों को लौट जाते हैं। वही पार्क में सैर करने आई महिलाओं ने कहा कि सरकार भले कोई हो लेकिन उन्हें इस तरफ ध्यान देना चाहिए। महिलाओं ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से अपील कि के वह इस तरफ ध्यान दें।
रात के समय बन जाता है नशेड़ियों का अड्डा, महिलाएं पार्क में आने से कतराती हैं:
पार्क में शाम 3-4 बजे के बाद कोई भी सैर करने नही आता क्योंकि यहां लगी स्ट्रीट लाइट्स चोरी हो चुकी हैं। रात के अंधेरे का फायदा उठाकर कुछ शरारती तत्व यहां पार्क में बैठकर शराब पीते हैं और हुल्ड़बाजी करते है। शराब के नशे में युवक पार्क में तोड़फोड़ करते हैं, लोगों के बैठने के लगाए हुए बैंच तोड़ देते हैं और ऊपर बने शेड भी तोड़ दिया गया है। कभी कभी तो बीड़ी सिगरेट पीकर वहीं फेंक जाते हैं जिससे आग लगने कि संभावना बढ जाती है। शराब आदि पीने के बाद बोतलें व कूड़ा कबाड़ वहीं फेंक कर चले जाते हैं। कोई भी सफाई वर्कर न होने के की वजह से गंदगी ऐसे ही फैली रहती है। हालांकि महिलाओं का एक ग्रुप कूड़ा चिप्स आदि पैकट हटा देते हैं लेकिन अगले दिन फिर वही हालात होते हैं। सैर करने वाली महिलाओं ने कहा कि यहां सिक्योरिटी गार्ड का होना बहुत जरूरी है।
एक बजुर्ग फौजी अपनी पेंशन से रोजाना पक्षीयो को डालते हैं दाना:
हर्बल पार्क में बहुत सारे जंगली जीव व पक्षी रहते हैं जिन्हें पीने के लिए पानी और दाना भी उपलब्ध नहीं हो रहा। पार्क में सैर कर रही महिलाओं ने बताया कि पीरमुछल्ला गांव के एक बुजुर्ग रोजाना पार्क में पक्षियों को दाना और पानी डालने के लिए आते हैं। लोगों ने कहा कि सरकार को इस तरफ ध्यान देना चाहिए। महिलाओं के ग्रुप ने बताया कि फौजी अंकल अकेले रोजाना पक्षीयों के लिए दाना लेकर आते है और पक्षी उनकी आवाज पहचानते हैं। जैसे ही फौजी अंकल दाना लेकर आते हैं तो पक्षीयों की चहचहाने की आवाज इतनी तेज हो जाती है मानो वह संगीत सुना रही हों। यहां बहुत सारे मोर हैं जो दाने के लिए अंकल के नजदीक आ जाते है। महिलाओं ने बताया कि काऊंसिल को इस ओर भी ध्यान देना चाहिए, कम से कम पक्षीयों के लिए पानी की सुविधा तो की जाए।
जिस लेवल पर पार्क को मेंटेन करना चाहिए, हम उसे करने में असमर्थ रहे हैं। हम आज ही एजेंडा निकाल रहे हैं। सोमवार को मीटिंग में उसे प्रपोज किया जाएगा। इसके इलावा लाइट्स और बैंच जो नही है या टूट चुके हैं वह भी नए रखवा दिए जाएंगे। जो पहले गार्ड था वह बेचूलर था अब हम वहां पर विवाहित गार्ड रखेंगे जो अपनी फैमली के साथ वहीं रहेगा और पार्क में रात के समय आने वाले शरारती आंसरों का आना जाना बंद किया जा सके और गार्ड वहां 24 घंटे तैनात रहेगा।
— रवनीत सिंह कार्यकारी अधिकारी जीरकपुर