Tuesday, 13 October 2026
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बीएसएफ के शहीद जवानों की शहादत पर विशेष

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फाजिल्का, फेस2न्यूज:  (SUBHEAD)
भारत पाकिस्तान के बीच 1971 के भयंकर युद्ध में फाजिल्का क्षेत्र को बचाते व पाकिस्तान क्षेत्र पर कब्जा करते समय भारतीय सैनिकों के साथ-साथ सीमा सुरक्षा बल व पंजाब होमगार्ड के जवानों ने भी दुश्मनों के दांत खट्टे किए। उस युद्ध में भारतीय सैनिकों के साथ-साथ सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने भी शहादत दी थी। सीएसएफ के यह 7 जवान भी 11 दिसंबर 1971 को युद्ध करते हुए फाजिल्का सैक्टर की अंतर्राष्ट्रीय सादकी, संवारवाली व खोखर चौकी के पास देश के लिए शहीद हुए थे। उस रात भारी धुंध व सर्दी के बीच दुश्मनों को मारते हुए 22वीं बटालियन के जवान कांस्टेबल शविन्द्र सिंह, कांस्टेबल मलकीत सिंह, सूरत सिंह, हवालदार सरन दास, मेहर चंद, सूरज मल व हैड कांस्टेबल तुलसा सिंह शहीद हो गए थे। उन शहीदों को आज के दिन नमन किया जाता है। बी.एस.एफ. के अधिकारियों, जवानों के अलावा क्षेत्र की समाजसेवी संस्थाओं द्वारा पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया जाता है। आंखों देखे युद्ध की दास्तां सुनाते हुए बीएसएफ के पुराने सहयोगी व बॉर्डर ऐरिया विकास फ्रंट के प्रधान लीलाधर ने बताया कि सन 1965 के भारत पाक युद्ध में भी झंगड़ चौकी पर पाकिस्तान की 105वीं बिग्रेड ने हमला बोल दिया था। तब पी.ए.पी. की 20वीं बटालियन, जो बाद में बीएसएफ की 22वीं बटालियन बनी, के 4 जवान ओम प्रकाश, करतार सिंह, शाम सिंह, मूल सिंह व काबुल सिंह भी शहीद हुए थे। उन्होंने बताया कि उक्त शहीद जवानों को भी समय-समय पर याद किया जाता है।

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