बरनाला, अखिलेश बंसल:
अयोध्या धाम से पूजित अक्षत कलश पंजाब के बरनाला शहर में लाया गया। अक्षत कलश का फूल वर्षा एवं जय श्री राम के जयकारे लगा भव्य अभिनंदन किया गया। जिसे श्री राम जन्मभूमि मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा कमेटी द्वारा बरनाला के सत् सनातन श्री गीता भवन में सुशोभित किया गया। गौरतलब है कि पूजित अक्षत कलश जिसमें हल्दी युक्त चावल हैं, जो आमंत्रण (दल) के रूप में जिला के हर कोने-हर घर तक पहुंचाएं जाएंगे। यह जानकारी श्री राम जन्मभूमि मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा कमेटी के प्रवक्ता आचार्य स्वामी श्रीनिवास जी महाराज तथा संजीव कुमार मित्तल ने दी। उन्होंने बताया है कि आगामी 22 जनवरी, 2024, पौष शुक्ल, द्वादशी, विक्रम संवत् 2080 के शुभदिन प्रभु श्रीराम के बाल रूप नूतन विग्रह को श्रीराम जन्मभूमि पर बन रहे नवीन मंदिर भूतल के गर्भगृह में विराजित करके प्राण-प्रतिष्ठा की जाएगी। प्राण-प्रतिष्ठा के भव्य समारोह का प्रसारण दूरदर्शन तथा अनेक चेन्नलों के माध्यम से सीधे लाइव किया जायेगा।
निमंत्रण पहुंचाने की यह बतायी योजनाः
जिलाभर के हर वार्ड तथा घर-घर निमंत्रण पहुंचाने को लेकर श्री राम जन्मभूमि मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा कमेटी द्वारा प्रति वार्ड दो-दो टोलियां गठित की जाएंगी। आमंत्रण (दल) के रूप में स्वीकार हल्दीयुक्त चावलों को लेकर 22 जनवरी 2024 के दिन प्रभु श्रीराम के बाल रूप नूतन विग्रह को श्रीराम जन्मभूमि पर बन रहे नवीन मंदिर भूतल के गर्भगृह में विराजित करने एवं प्राण-प्रतिष्ठा होने के वक्त हर व्यक्ति हर परिवार अपने घर में भगवान श्रीराम की तस्वीर के सामने या अपने घर के नजदीक पड़ते भगवान श्रीराम मंदिर में पहुंच पूजा अर्चना करेंगे तथा वहां आमंत्रण (दल) हाजिरी के रूप में भेंट करेंगे।
घर बैठे ऐसे करें श्रीराम की पूजा-अर्चनाः
कमेटी के प्रतिनिधियों व कार्यकर्ताओं ने हर जिलावासी से अनुरोध किया है कि सभी सनातनी अपने ग्राम, मोहल्ले, कॉलोनी में स्थित किसी मंदिर में आस-पड़ोस के रामभक्तों को एकत्रित करके (पूर्वाह्न 11.00 बजे से अपराह्न 01.00 बजे के मध्य) समय पर “श्रीराम जय राम जय जय राम” विजय महामंत्र का 108 बार सामूहिक जाप करें, हनुमान चालीसा, सुंदरकांड, रामरक्षा स्तोत्र आदि का सामूहिक पाठ भजन-कीर्तन करें, टेलीविजन अथवा कोई पर्दा (एलईडी स्क्रीन) लगाकर अयोध्या का प्राण-प्रतिष्ठा समारोह समाज को दिखायें, शंखध्वनि, घंटानाद, आरती करें, प्रसाद वितरण करें और अक्षत पूजन कार्यक्रम का हिस्सा बनकर भगवान श्रीराम का आशीर्वाद प्राप्त करें।
सायंकालीन करें दीपमालाः
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र अयोध्याजी द्वारा अनुरोध किया है कि प्राण-प्रतिष्ठा के दिन सायंकाल सूर्यास्त के बाद अपने घर के सामने भगवान श्रीराम के नाम की माला जपते हुए दीपमाला सजायें। जो लोग श्री अयोध्या जी जा सकते हैं, वह प्रभु श्रीरामलला तथा नवनिर्मित मंदिर के दर्शन हेतु अपने अनुकूल समयानुसार जरूर पधारें और श्रीराम जी की कृपा प्राप्त करें।
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श्री अयोध्याजी से बरनाला पहुंचा पूजित अक्षत कलश, भव्य स्वागत के बीच किया स्थापित
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