Tuesday, 21 April 2026
Breaking News
अक्षय तृतीया पर श्री राम वेद गुरुकुलम में शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ श्री दिगम्बर जैन मंदिर, सेक्टर 27-बी में अक्षय तृतीया पर्व श्रद्धा व उत्साह के साथ मनाया गया नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध करने का विरोध   वर्तमान में "अहिंसा परमो धर्म:" की भावना पहले से अधिक प्रासंगिक : श्री नायब सिंह सैनी गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन का 16वां वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह संपन्न गुरप्रीत कौर बनीं वीजी मिसेज इंडिया ग्लोबल आइकन फिनेस्स-2026 की उपविजेता महिला कांग्रेस नेत्री ममता डोगरा ने प्रधानमंत्री पर तीखा निशाना साधा, कहा पहले से पारित महिला कांग्रेस आरक्षण बिल लागू क्यों नहीं किया हर संकट में मददगार बन जाती हैं दुआएं क्योंकि दुआएं कमाना ही जीवन की सच्ची कमाई है : बीके उषा दीदी नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू होने से अधिक समावेशी और समतावादी समाज का निर्माण होगा : मोनिका भारद्वाज डॉ. नागपाल की नवीनतम पुस्तक का विमोचन 20 अप्रैल को 
पंजाब Trending

सनातनी डेरों पर गैर सनातनियों का कब्जा होना गैर-संविधानिकः जगद्गुरु शंक्राचार्य अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती

Read in:Hindi

अखिलेश बंसल, बरनाला:
पंजाब में सनातनी डेरों पर कब्जे हो रहे हैं यह सरकारों की नालायकी है। गैर-सनातनी लोग पहले हमारा सहारा व समर्थन लेते हैं फिर हमारे ही डेरों-स्थानों पर कब्जा करते हैं, बहुत ही गलत है। इसके बारे में वे सरकार से बात करेंगे, यदि ठोस परिणाम नहीं निकला तो देंखेंगे कि क्या करना है। यह बात परमाराध्य परमधर्माधीष उत्तराम्नाय ज्योतिषापीठाधीश्वर जगद्गुरु शंक्राचार्य स्मामिश्री अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती 1008 जी महाराज ने कही है।
गौरतलब है कि जगद्गुरु शंक्राचार्य जी अपने पीठ से पंजाब के भ्रमण पर हैं। वे कल बरनाला पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि पंजाब भी हमारा अधिकारक्षेत्र प्रदेश है, यहां हमारे धर्म की क्या स्थिती है, धर्म से जुड़े लोगों को किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, उसका निरीक्षण करने पहुंचे हैं। उसके लिए हमने प्रवास शुरु किया है। उन्होंने कहा भ्रमण के दौरान जहां जहां भगवान श्री रामलला मंदिर निर्माण की बात होगी वहां भी जाएंगे। इस अवसर पर उनके साथ शिरोमणी प्रबंधक कमेटी (1867) भारत के महासचिव हर्षवर्धन भी उपस्थित थे।
दीवारों में चिन गए लेकिन साहिबजादों ने धर्म नहीं छोड़ाः
ईसाई धर्म में टेढे मेढ़े ढंग से हो रहे तेजी से परिवर्तन को रोकने के लिए साधू समाज जुटा हुआ है। हमारे आदर्श दशम पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज के दो नन्हें-नन्हें साहिबजादों को दीवारों में चिन दिया गया, उन्हें भी प्रलोभन दिया गया था, लेकिन उन्होंने धर्म नहीं छोड़ा। ईसाई मिशन जितना भी जोर लगा ले, लेकिन जब-जब भारतवर्ष को हमारे साहिबजादों, सिखों, हिन्दुओं, ब्राहमणों और अन्य वर्गों की कुर्बानी याद आएगी तो वे ऐसे मिशन से खुद बा खुद दूर हो जाएंगे। ईसाई मिशन कितनी देर तक पैसा बांटता रहेगा, हमारे लोग अपने गरीब तबके लोगों से संपर्क नहीं करते इसी कारण वे दूसरे मिशन के चंगुल में फंसते हैं। पंजाब में इस बात पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
मोदी जी ने समझी लोगों की भावनाः
हर व्यक्ति को अपने अपने तौर पर राजनीती की बात करने का अधिकार है, यदि समाज में कुछ अच्छा होगा, जहां होगा हम उनके साथ हैं। पहले किसी ने लोगों की भावना को नहीं समझा, अब भारत के प्रधानमंत्री नरिंदर मोदी ने लोगों की भावना को भी समझा और भगवान श्री रामलला मंदिर निर्माण भी शुरु कराया, नतीजन जो व्यक्ति जनता की भावना को समझेगा वह ही देश पर राज करेगा।
गोशालाओं के हालातों पर भी होगी चर्चाः
पंजाब में ही नहीं देशभर में कई वर्ग हैं जो मंदिरों, हिन्दु स्थानों, गोशालाओं पर कब्जे करने की प्रभूति चल पड़ी है, जिसके एवज में संत समाज पर पुलिस केस बन रहे हैं, लेकिन उन्हें बचाने वाले सनातनी लोग भी अपना काम कर रहे हैं। प्रदेश गोशाला संघ के अध्यक्ष उनसे मिले थे, हमने चर्चा की है, जिन गोशालाओं के हालात खराब हैं उनके लिए मुख्यमंत्री से बात करेंगे।
लोगों को दिया संदेशः
सनातन धर्म से जुड़े लोगों को संदेश दिया है कि जिन्होंने सनातन धर्म में जन्म लिया है बड़े ही सौभाग्य की बात है। लोग किसी के बहकावे में मत जाएं। धर्म को समझिए। सनातन धर्म का प्रचार करने पूरा संत समाज पूरे देश में फैल गया है। संत समाज का संदेश घर घर जाएगा।

बरनाला में हुआ जबरदस्त अभिनंदनः
परमाराध्य परमधर्माधीष उत्तराम्नाय ज्योतिषापीठाधीश्वर जगद्गुरु शंक्राचार्य स्मामिश्री अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती 1008 जी महाराज जैसे ही लंबे काफिले के साथ बरनाला की धरती पर उतरे उनका विभिन्न धर्मों और समाज से जुड़े हजारों लोगों ने फूल वर्षा से अभिनंदन किया। अग्रवाल समाज से संबंधित कालोईजर दीपक बांसल द्वारा निर्मित आस्था कालोनी के मंदिर में पहुंचने से पहले वह लुधियाना-बरनाला मार्ग पर स्थित प्राचीन गोशाला पहुंचे, वहां गोवंश का रखरखाव देख गोमाता की पूजा-अर्चना की।