Friday, 02 October 2026
Breaking News
पं. श्रद्धा राम फिल्लौरी की जयंती मनाई  "नशा एवं टीबी मुक्त युवा" विषय पर सात दिवसीय विशेष एनएसएस शिविर का उद्घाटन चंडीगढ़ में 3 अक्टूबर से गूंजेगा हरिनाम, 15वीं श्रीमद् भागवत कथा का भव्य आयोजन धर्म बहादुर जैन बने जेआईटीओ चंडीगढ़ चैप्टर के नए चेयरमैन यू.टी. क्रिकेट एसोसिएशन और पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन सीनियर्स ने अपने मैच जीते पटियाला पुलिस की बड़ी कार्रवाई: लॉरेंस बिश्नोई गैंग के 2 सक्रिय सदस्य गिरफ्तार, 7 पिस्तौल और 23 जिंदा कारतूस बरामद आसफवाला के शहीदों का इतिहास स्कूलों के पाठ्यक्रम में शामिल हो : राष्ट्रपति मुर्मू परिहास, उपहास और संवाद कबड्डी के मैच की ऑफिशिएटिंग में सुधार की ज़रूरत राजस्थान परिवार ट्राइसिटी की ‘चाय पर चर्चा’ में समाज की समस्याओं और भागीदारी पर मंथन
मनोरंजन Trending

‘कॉकरोच’ का सम्मान

मनमोहन सिंह ‘दानिश’

आजकल ‘कॉकरोच’ काफी महत्वपूर्ण विषय बन गया है। जब से बेरोजगारों की तुलना ‘कॉकरोच’ से हुई है तब से सारे कॉकरोच खुद पर गर्व करने लगे हैं। वे कहते हैं कि अगर वे इस धरती पर नहीं होते तो बेरोजगारों की तुलना किससे की जाती। आज तक किसी ने कॉकरोच को इतनी इज्ज़त नहीं दी थी जितनी उसे अब मिली है। आखिर कोई बुद्धिजीवी ही उसे यह सम्मान दे सकता था। अब पता चला है कि जिनके पास काम नहीं होता, जो रोज़गार दफ्तर के चक्कर काटते रहते हैं वे कॉकरोच की ही श्रेणी में समझे जाते रहेंगे।

वैसे भाषा के मामले में हम ने पिछले कुछ सालों में बहुत तरक्की की है। भाषा की मर्यादा तो अब केवल किताबों तक सीमित होकर रह गई है। हमारी विधानसभाओं, संसद, और अब न्यायपालिका में भी कमाल की भाषा बोली जाती है। आदमी को बिल्कुल बाज़ार जैसा वातावरण लगता है। देश के थानों की भाषा तो पहले से ही उच्च कोटि की है।

पुलिस वाले चाहें तो विभिन्न अवसरों में दी जाने वाली गलियों का पूरा शब्दकोश तैयार कर दें। बड़ी प्रतिभाशाली है हमारी पुलिस। खैर, अब तो ऊपर से नीचे तक भाषा का स्तर एक सा हो गया है। चलो इस मामले तो बराबरी हुई। तो सोचता हूं कि इस तरह की भाषा सिखाने के लिए कोई कोचिंग सेंटर ही खोल लूं। सुना है आजकल कोचिंग सेंटर वाले खूब कमाई कर रहे हैं। उन्हीं की बदौलत पेपर भी लीक होते हैं। मतलब कमाई मोटी है। देख लो मेरे बेरोज़गार दोस्तो धंधा बुरा नहीं है।