Monday, 24 August 2026
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श्री दिगम्बर जैन मंदिर में श्रद्धा एवं भक्ति के साथ संपन्न हुआ श्री णमोकार महामंत्र पाठ एवं श्री भक्तामर दीपार्चना

क्षुल्लिका 105 ज्ञानमती माताजी के पावन सानिध्य में सुभाष जैन को “धर्म रत्न” सम्मान से किया गया अलंकृत

चण्डीगढ़ : अहिंसा चैरिटेबल सेवा समिति, चंडीगढ़ के तत्वावधान में श्री दिगम्बर जैन मंदिर, सेक्टर-27 में मासिक श्री णमोकार महामंत्र पाठ एवं श्री भक्तामर दीपार्चना का आयोजन अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक वातावरण में संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं को क्षुल्लिका 105 ज्ञानमती माताजी का सानिध्य एवं आशीर्वाद प्राप्त हुआ, जिससे कार्यक्रम की गरिमा और आध्यात्मिक महत्ता और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं ने सपरिवार सहभागिता कर णमोकार महामंत्र का सामूहिक पाठ किया तथा भक्तामर दीपार्चना में भाग लेकर धर्मलाभ अर्जित किया।

कार्यक्रम का सौजन्य दिनेश जैन, अशोक जैन, रोहित जैन (सुपुत्र स्व. श्रीमती शिमला देवी जैन) एवं जैन फैशनर्स, पालिका बाजार, सेक्टर-19 द्वारा किया गया।

इस अवसर पर जैन धर्म के प्रति आजीवन समर्पण, त्याग, संयम एवं अनुकरणीय साधना के लिए 76 वर्षीय सुभाष जैन को अहिंसा चैरिटेबल सेवा समिति द्वारा प्रतिष्ठित “धर्म रत्न” सम्मान से अलंकृत किया गया।

सम्मान प्रदान करते हुए समिति के उपाध्यक्ष सुरेंद्र जैन ने कहा कि सुभाष जैन का जीवन धर्ममय आचरण का उत्कृष्ट उदाहरण है। प्रतिदिन अभिषेक, शांतिधारा, देवदर्शन, पूजन एवं विधान, नियमित मंत्र आराधना, रात्रि भोजन त्याग, अपरिग्रह, सादगीपूर्ण जीवन तथा अनेक व्यक्तिगत त्यागों के माध्यम से उन्होंने जैन दर्शन के सिद्धांतों को अपने जीवन में आत्मसात किया है। विपरीत स्वास्थ्य परिस्थितियों के बावजूद उनकी अटूट धर्मनिष्ठा समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।

कार्यक्रम में उपस्थित समाज रत्न नवरतन जैन ने कहा कि सुभाष जैन का जीवन यह संदेश देता है कि मंदिर केवल पूजा का स्थान नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, आत्मचिंतन और कर्मों की निर्जरा का पवित्र केंद्र है। उन्होंने समाज से अधिकाधिक संख्या में मंदिरों एवं धर्म आराधना से जुड़ने का आह्वान भी किया।

पाठ में भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। समिति के मार्गदर्शक राजेन्द्र प्रसाद जैन डीएमसी ने सभी श्रद्धालुओं, सहयोगी परिवारों को आयोजन को सफल बनाने के लिए आभार व्यक्त करते हुए अनुमोदना की और कहा कि समिति भविष्य में भी धर्म, सेवा और संस्कारों के प्रसार हेतु ऐसे आयोजन निरंतर करती रहेगी।