Tuesday, 14 April 2026
Breaking News
वृिद्धम ने किया मेगा फ्री एस्ट्रो कंसल्टेशन इवेंट का भव्य आयोजन विद्यार्थी अपनी क्षमता को पहचाने और दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को साकार करें : डॉ. अनीता खोसला सांसद साहनी के निजी सदस्य विधेयक ऑनलाइन हेट स्पीच (प्रिवेंशन) बिल, 2024 को संसद में प्रस्तुत किए जाने की राष्ट्रपति ने स्वीकृति प्रदान की जीरकपुर के ढकोली में ​खुला बचपन प्ले स्कूल अमरावती क्रिकेट एकेडमी और कुरुक्षेत्र क्रिकेट एकेडमी ने अपने-अपने लीग मैच जीते मठ मंदिर की रथ यात्रा के दौरान हरे कृष्णा-हरे राम व जय राधा-माधव के जयकारों से गूंज उठा शहर श्री साई धाम, सेक्टर 29 में गोपाल काला दही हांडी उत्सव का हुआ आयोजन हल्लोमाजरा में गैस कनेक्शन बंद होने से लोग परेशान, प्रशासन से जल्द समाधान की मांग गौड़ीय मठ का सनातन सेवा में योगदान सराहनीय : गुलाब चंद कटारिया हरियाणा में बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल, 63 आईएएस और एचसीएस इधर से उधर
हरियाणा Trending

हरियाणा कैबिनेट ने 2002 में नियुक्त 347 कॉन्ट्रैक्ट ड्राइवरों को ओपीएस और अन्य लाभ किए प्रदान

Read in:Hindi

फेस2न्यूज /चंडीगढ़

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में वीरवार यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य परिवहन विभाग के कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए 2002 में कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्त 347 ड्राइवरों को क्वालिफाइंग सर्विस और पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) के लाभ देने का फैसला किया है।

इस फैसले का उद्देश्य लंबे समय से चली आ रही वेतन विसंगतियों को दूर करना और समान पद वाले कर्मचारियों के बीच समानता सुनिश्चित करना है। इन ड्राइवरों को वर्ष 2002 में कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्त किया गया था और बाद में वर्ष 2006 में हरियाणा परिवहन विभाग (ग्रुप-C) हरियाणा रोडवेज सेवा नियम, 1995 (समय-समय पर संशोधित), के तहत रेगुलर किया गया था। हालांकि, जनवरी 2014 में सरकार और कर्मचारी यूनियनों के बीच हुए आपसी समझौते में केवल 1 जनवरी, 2003 को या उसके बाद नियुक्त कर्मचारियों को ही शामिल किया गया था, इसलिए वर्ष 2002 में नियुक्त ड्राइवरों को यह लाभ नहीं मिल पाए थे, जिससे जूनियर ड्राइवरों को अपने सीनियर्स की तुलना में ज़्यादा सैलरी और पेंशन लाभ मिल रहे थे।

इस फैसले से, वर्ष 2002 में भर्ती हुए ड्राइवरों को उनकी शुरुआती नियुक्ति की तारीख से रेगुलर माना जाएगा। शुरुआती नियुक्ति की तारीख से सेवा की गणना करके एसीपी इत्यादि, पुरानी पेंशन योजना और पारिवारिक पेंशन योजना, 1964 का लाभ प्रदान करने, जनरल प्रोविडेंट फंड खाते खोलने जैसे विभिन्न लाभ प्रदान किए जाएंगे। ये सभी लाभ 31 अगस्त, 2024 तक सैद्धांतिक रूप से दिए जाएंगे तथा वास्तविक वित्तीय लाभ 1 सितंबर, 2024 से या सरकार द्वारा तय की गई किसी अन्य कट-ऑफ तारीख से मिलेंगे।

कामधेनु गौ सेवा समिति, सकेतड़ी, पंचकूला को 20 वर्ष की अवधि के लिए पट्टे पर भूमि  देने की मंजूरी

ग्राम पंचायत रत्तेवाली, ब्लॉक बरवाला, जिला पंचकूला की 4 एकड़ 01 कनाल 17 मरला भूमि को 570 पशुओं की गौशाला की स्थापना के लिए कामधेनु गौ सेवा समिति, सकेतड़ी, पंचकूला को 20 वर्ष की अवधि के लिए पट्टे पर देने संबंधी प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।

दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना में महत्वपूर्ण संशोधनों को मंजूरी

महिलाओं के वित्तीय सशक्तिकरण को मजबूत करने और दीर्घकालिक बचत को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना (DDLLY), 2025 का विस्तार करते हुए महत्वपूर्ण संशोधनों को मंजूरी दी गई। संशोधन के तहत जिन परिवारों की सालाना आय 1 लाख 80 हजार रुपए से कम है, ऐसे परिवारों के बच्चे जो सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे है, वे 10वीं और 12वीं कक्षा में 80 प्रतिशत से ज्यादा नंबर लेकर आते है, ऐसी माताओं को भी अब दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ दिया जाएगा। इसके अलावा, बच्चों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर ध्यान देने के उद्देश्य से भी भारत सरकार के निपुण मिशन के तहत ग्रेड लेवल प्रोफिशिएंसी प्राप्त करते हैं, ऐसी माताओं को भी इस योजना का लाभ मिलेगा। साथ ही, बच्चों में कुपोषण या एनीमिया को रोकने के लिए भी पहल की गई है।

स्वर्गीय एएसआई श्री संदीप कुमार लाठर की पत्नी श्रीमती संतोष कुमारी को नौकरी

स्वर्गीय ए.एस.आई. श्री संदीप कुमार लाठर की पत्नी श्रीमती संतोष कुमारी को कैम्पस स्कूल, महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक में पी.जी.टी. गणित (ग्रुप-बी) के पद पर नियुक्ति देने को मंजूरी दी गई है। यह केवल असाधारण परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पात्र आश्रित को मानवीय एव नीतिगत राहत प्रदान करने तक सीमित है। यह मामला एक अपवादात्मक प्रकरण के रूप में माना गया है तथा इसे भविष्य में मिसाल (precedent) नहीं माना जाएगा।

अधिसूचित शहरी क्षेत्रों में अनधिकृत भूमि लेन-देन में दुरुपयोग रोका

अधिसूचित शहरी क्षेत्रों में अनधिकृत भूमि लेन-देन के लिए विनिमय विलेखों (एक्सचेंज डीड्स) के दुरुपयोग को रोकने के उद्देश्य से सरकार ने हरियाणा विकास एवं शहरी क्षेत्र विनियमन अधिनियम, 1975 की धारा 7A में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। मंत्रिमंडल की बैठक में इस संशोधन को ‘हरियाणा विकास एवं शहरी क्षेत्र विनियमन अधिनियम, (हरियाणा संशोधन) अध्यादेश, 2025’ जारी कर मंजूरी प्रदान की गई। संशोधन के अनुसार उपरोक्त धारा में ‘विनिमय विलेखों’ को शामिल किया गया है।

इस संशोधन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एक्सचेंज डीड्स, जिनका उपयोग अप्रत्यक्ष बिक्री के साधन (इनडायरेक्ट सेल इंस्ट्रूमेंट) के तौर पर किया जा रहा है, उन्हें अधिनियम के दायरे में लाया जा सके।