(MOREPIC1)आर के शर्मा/पंचकूला
माननीय स्पीकर श्री ज्ञान चंद गुप्ता जी ने जिला पंचकूला के लोगों को मुफ्त भोजन वितरण के उद्देश्य से, श्री माता मनसा देवी भंडारा समिति को दो नई मोबाइल भंडार वैन (डीक्यू फंड) दान में दी हैं। प्रत्येक वैन 500-600 लोगों के लिए भोजन उपलब्ध कराती है। इस प्रकार ये दो वैन प्रतिदिन लगभग 2500 लोगों को दोपहर और रात का भोजन वितरित करती हैं। दोनों वैन्स को आज यहां माता मनसा देवी भंडारा भवन, मंदिर परिसर, सेक्टर 4, एमडीसी, पंचकूला से झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
भंडारा वैन्स को लॉन्च करने के बाद, ज्ञान चंद गुप्ता ने सभी को नवरात्रि की बधाई देते हुए कहा कि पंचकूला में कोई भूखा न सोए, इसीलिए भंडारा वैन चलाई जा रही हैं। शहर स्वच्छता के मामले में आगे बढ़ा है, पहले इसकी रैंक 98 थी, जो अब 88 हो गई है। शहर में पिटबुल पालने पर प्रतिबंध लगाने को उन्होंने सही बताया, क्योंकि इससे लोग सुरक्षित रहेंगे। प्रधानमंत्री द्वारा 5जी सेवा शुरू करने के बारे में उन्होंने कहा कि मोदीजी ने हर क्षेत्र में प्रगति को बढ़ावा दिया है। सारे काम डिजिटल कर दिए हैं, जिससे सभी को और खासकर युवाओं को लाभ हुआ है। बरसात से फसलों को हुए नुकसान पर उन्होंने कहा कि किसानों को मुआवजा मिलना चाहिए।(SUBHEAD)
भंडारा समिति के अध्यक्ष विनोद मित्तल ने कहा कि वे माननीय अध्यक्ष हरियाणा विधानसभा के इस योगदान के लिए आभारी हैं। ट्रस्ट के पास अब 8 वैन्स का बेड़ा है, जो प्रतिदिन लगभग 10,000 जरूरतमंदों को मुफ्त भोजन वितरित करता है। इसके अलावा, ट्रस्ट मंदिर परिसर में भंडारा भवन में लगभग 8,000 लोगों को और पीजीआई भंडारा भवन में लगभग 1,000 रोगियों व उनके परिचारकों को मुफ्त नाश्ता, दोपहर का भोजन और रात का खाना भी परोसता है। ट्रस्ट के पास लिफ्ट की सुविधा वाला वातानुकूलित आधुनिक भंडारा भवन है।
नवरात्रि के अवसर पर साल में दो बार करीब 25,000 भक्तों को मुफ्त व्रत का भोजन प्रदान कराया जाता है। ट्रस्ट एससीओ-90, सेक्टर-5, पंचकूला में अपने नए अधिग्रहीत व्यावसायिक भवन में सात सीटों वाला एक आधुनिक डेंटल अस्पताल स्थापित कर रहा है। यह नवीनतम उपकरणों और मशीनरी वाला सबसे आधुनिक दंत चिकित्सालय होगा और इलाज बाजार दर से सस्ता होगा, जबकि गरीब और योग्य मरीजों का इलाज बिल्कुल मुफ्त होगा।
ट्रस्टियों ने ट्राइसिटी के दान प्रायोजकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की जिसके कारण भंडारा सफल रहा। भंडारा सीएसआर गतिविधियों के तहत स्वीकृत है और यह 80जी के तहत दानदाताओं को आयकर में छूट भी देता है। भंडारे की शुरुआत 1955 में 5 किलो दाल और 20 किलो आटे से हुई थी, जो लगातार आगे बढ़ रहा है। इन गतिविधियों को हरियाणा सरकार और पंचकूला प्रशासन का भी सहयोग मिल रहा है।