चंडीगढ, संजय मिश्रा:
समाज में आये दिन ये सुनने को मिलता है कि उसके बैंक खाते में फ्रॉड हो गया और इतने पैसे निकाल लिए गए। वस्तुतः जैसे-जैसे टेक्नोलॉजी एडवांस हो रही है, फाइनेंशियल फ्रॉड (Financial Fraud) की घटनाओं में भी तेजी आ रही है। जालसाज आए दिन ठगी के नए-नए तरीके इस्तेमाल कर रहे हैं और लोगों को हजारों-लाखों का चूना लगा रहे हैं। कभी खाते की ई-केवाईसी के लिए लिंक पर क्लिक करने वाले मैसेज के जरिए लोगों को फंसाया जा रहा है तो कभी लॉटरी या इनाम जीतने का लालच देकर ठगी हो रही है। और लोगों को उनके साथ फ्रॉड होने और खाते में से रकम गायब होने का पता तब लगता है, जब वे बैंक में अपनी पासबुक में एंट्री चढ़वाने जाते हैं।
अगर कभी फाइनेंशियल फ्रॉड हो जाए, तो क्या करें?
अगर कोई आपके बैंक खाते में से रकम निकाल ले तो सबसे पहला काम अपने बैंक को सूचित करने का करना चाहिए। ऐसे किसी भी मामले की जानकारी बैंक को 24 घंटों के अंदर दे दी जानी चाहिए। आप चाहें तो बैंक के कस्टमर केयर नंबर पर कॉल करके एग्जीक्यूटिव को शिकायत रजिस्टर करा सकते हैं या फिर सीधे बैंक में जाकर शिकायत कर सकते हैं। इसके बाद मामले की बैंक द्वारा आगे जांच की जाएगी।
अकाउंट में सेंधमारी की घटना घटित होने पर पुलिस में भी शिकायत दर्ज करानी चाहिए क्योंकि ऐसे मामले साइबर सेल के तहत आते हैं।
आपकी गलती नहीं तो 72 घंटों में मिल सकती है रकम:
कानूनी जानकार और साइबर मामलों के एक्सपर्ट विराग गुप्ता कहते हैं कि अगर समय रहते बैंक को सूचित कर दिया जाए और ऐसे ट्रांजेक्शन में बैंक ग्राहक की गलती न हो तो 72 घंटे में रुपये खाते में वापस आ सकते हैं।
ऑनलाइन फ्रॉड की शिकायत कहाँ करें?
साइबर एक्सपर्ट पवन दुग्गल के मुताबिक, साइबर फ्रॉड रोकने के लिए सरकार ने शिकायत पोर्टल www.cybercrime.gov.in बनाया हुआ है। इस पोर्टल पर ऑनलाइन फ्रॉड की शिकायत कर सकते हैं। इसके अलावा साइबर क्राइम के बारे में हेल्पलाइन नंबर 155260 पर भी शिकायत की जा सकती है।
ग्राहक ने की है गलती तो नहीं मिलेंगे पैसे:
अगर किसी ने फ्रॉड करने के लिए ओटीपी जनरेट किया और खाताधारक ने उसके झांसे में आकर ओटीपी बता दिया तो यह खाताधारक की गलती है। ऐसे फाइनेंशियल फ्रॉड की जिम्मेदारी बैंक नहीं लेगा। लेकिन अगर किसी ने गैरकानूनी तरीके से ग्राहक के अकाउंट से ट्रांजेक्शन किया या फिर एटीएम कार्ड हैक करके पैसे निकाले या फ्रॉड के लिए किसी ऐसे तरीके का इस्तेमाल किया जिसमें बैंक ग्राहक की कोई भूमिका नहीं है तो इसमें खाताधारक की गलती नहीं मानी जाएगी।
अगर नकली सिग्नेचर कर हुआ हो फ्रॉड तो?
अगर किसी ने आपके जाली सिग्नेचर बनाकर चेक या विदड्रॉअल फॉर्म के जरिए आपके बैंक खाते से पैसे निकाले हैं तो संबंधित इलाके की बैंक ब्रांच और नजदीकी थाने में, दोनों जगह शिकायत करनी होती है।
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जागो ग्राहक जागो- फाइनेंसियल फ्रॉड- बैंक अकाउंट से निकल गए पैसे तो क्या करें?
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