जीरकपुर, कृतिका:
छतबीड़ -जू के आसपास पांच दिन पहले तेंदुआ दिखाई देने से जहां हडक़ंप मचा हुआ है। वहीं तेंदुए को पकडऩे के लिए छतबीड़ -जू के बाहर एक और अंदर चार पिंजरे लगाए गए हैं। इस दौरान छतबीड़ जू प्रबंधकों की एक बड़ी नालायकी सामने आई। पिंजरे के अंदर शिकार को लाने के लिए चिकन-मटन नहीं बल्कि बेजुबान और बेसहारा पांच जिंदा कुत्तों को बंद कर दिया, ताकि उन्हें देखकर तेंदुआ पिंजरे में आए और उसे पकड़ा जा सके। हैरानी की बात तो यह है कि तेंदुए का शिकार बनाकर पिंजरे में बंद किए बेसहारा कुत्तों को पांच दिन तक भूखा प्यासा रखा गया। पिंजरे तपती गर्मी में लगाए गए हैं जिनकी सलाखे इतनी गर्म थी कि बेसहारा कुत्ते बैठ भी नहीं सकते थे। जंगलात विभाग यूनियन के प्रधान ने जब मामले को उठाया और बात मीडिया तक पहुंची तो जू प्रबंधकों ने कार्रवाई से बचने के लिए कुत्तों को छोड़ दिया अगर एकाध दिन और उन्हें ना छोड़ा जाता तो उनकी मौत हो जाती। लेकिन जू प्रबंधकों ने दोबारा नालायकी दिखाई और कुत्तों को छोडक़र पिंजरे में जिंदा मुर्गियां रख दी। जब मीडिया ने मौके पर जाकर जांच की तो मुर्गियों को निकाल कर उसकी जगह मुर्गे का मांस लगाया गया। यह बात भी सामने आई कि कुत्तों को आसपास के गांवों से पकडक़र लाया गया था। (SUBHEAD)
छतबीड़ जू सूत्रों के मुताबिक तेंदुआ दो से तीन बार छतबीड़ के अंदर घुस चुका है। तेंदुआ मादा बताई जा रही है जिसके साथ दो छोटे बच्चे भी हैं। उसे आसपास के कई लोगों ने देखा है। रात के समय घूमने की वीडियो भी बनी है। और उसके पांव के निशान भी इलाके में दिखाई दिए हैं। सूत्रों अनुसार तेंदुआ छतबीड़ जू के अंदर हिरण सफारी में घुस गया था। उसने एक काला-सफेद हिरण और दो चितकबरे हिरण पर हमला किया था। तीनों के शव सुबह बाड़े में दिखाई देने से हडक़ंप मचा। हालांकि जू प्रबंधकों ने इस गंभीर मुद्दे पर चुप्पी साधी हुई है।
गांव वालों को नहीं दी सूचना
जांच में सामने आया है कि जू प्रबंधकों की ओर से यहां आने वाले सैलानियों के लिए कोई पुख्ता प्रबंध नहीं है। जानवरों को पकडऩे के लिए उनके खुद के पास अपने पिंजरे भी नहीं है। पिंजरे भी फारेस्ट रोपड़ रेंज से मंगवाए गए हैं। वहीं यह बात भी सामने आई है कि छतबीड़ जू के आसपास सुबह शाम लोग सैर करते हैं और साथ ही छत गांव भी है। लोगों का आरोप है कि जू प्रबंधकों की ओर से उन्हें इसकी सूचना नहीं दी गई है। लेकिन दूसरी तरफ जू प्रबंधकों का कहना है कि गांव के गुरुद्वारा साहिब में अनाउंसमेंट करवाकर जानकारी दी थी।
हमारी टीम अलर्ट पर है। 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। तेंदुए के जू में आने व जाने का कोई डायरेक्ट प्रूफ नहीं है। लोगों ने घग्गर के पास उसे देखा है। एक हिरण पर हमले की बात सामने आई है जिसकी जांच चल रही है। जू के बाहर लगे पिंजरे में किसी ने कुत्ते को बंद किया था। जैसे ही मुझे पता चला उसे छोड़ दिया गया था। यह किसने किया इसकी जांच चल रही है।
— कल्पना, छतबीड़ जू डायरेक्टर