माल विभाग के रिकॉर्ड में रेड एंट्री और लगाया 55 हजार रुपये जुर्माना भी, पराली जलाने से रोकने के लिए जिला प्रशासन हुआ सख्त, डिप्टी कमिश्नर ने कहा निगरान टीमें रहेंगी खेतों में मौजूद
अखिलेश बंसल/ बरनाला
पराली जलाने से रोकने को लेकर जिला प्रशासन द्वारा बार-बार दिशा निर्देश देने के बावजूद बाज नहीं आए जिले के 11 किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है, रेड एंट्री और 55 हजार रुपये जुर्माना ठोका है।
डीसी और एसएसपी ने खुद देखी थी जलती हुई पराली:
जिला के कुछ गांवों में किसानों द्वारा खेतों में पराली को आग लगाए जाने की भिनक मिलते ही डिप्टी कमिश्नर बरनाला हरप्रीत सिंह और एसएसपी मोहम्मद सरफराज आलम गत दो दिन पहले 1 नवंबर को जिले के धनौला, भैणी जस्सा, कालेके और काहनेके गांवों में पहुंचे थे। जहां उन्होंने तुरंत फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मंगवा कर पराली को लगी आग बुझवाई थी। माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेशों और प्रशासनिक निर्देशों की धज्जियां उड़ा रहे अन्नदाता कहलाने वाले किसानों के साथ साथ क्लस्टर अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए गए।
सैटेलाइट में पराली जलाने के 34 मामले, 11 के खिलाफ एफआईआर
डिप्टी कमिश्नर हरप्रीत सिंह आईएएस ने बताया कि अब तक जिले में पराली जलाने के मामलों में 11 किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिनके रेवेन्यू रिकॉर्ड में रेड एंट्री की गई है और इन 11 के खिलाफ अब तक 55 हजार रुपये (एनवायरनमेंटल कंपनसेशन) का जुर्माना लगाया गया है। उन्होंने बताया कि अब तक सैटेलाइट के जरिए पराली जलाने के 34 मामले सामने आए हैं, जिनमें से 14 पटवारी रिपोर्ट के अनुसार नो बर्निंग में हैं और बाकी की रिपोर्ट आने के बाद सही कार्रवाई की जाएगी।
पराली प्रबंधन के लिए 5300 मशीनें मौजूद
डिप्टी कमिश्नर हरप्रीत सिंह ने यह भी बताया कि बरनाला जिले में पराली मैनेजमेंट के लिए करीब 5300 मशीनें मौजूद हैं। इस बार करीब 42.25 प्रतिशत इन सीटू और 57.75 प्रतिशत एक्स सीटू पराली प्रबंधन का प्लान बनाया गया है। पराली प्रोटेक्शन फोर्स के तहत जिले के गांवों में 52 ओवरऑल इंचार्ज, 14 क्लस्टर ऑफिसर, 26 असिस्टेंट क्लस्टर ऑफिसर और 245 नोडल ऑफिसर तैनात किए गए हैं जो लगातार फील्ड में मौजूद रहेंगे। उन्होंने किसानों से पराली में आग न लगाने को लेकर कहा कि अगर कोई भी व्यक्ति पराली में आग लगाता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।