मनमोहन सिंह ‘दानिश’
दो दिन पूर्व कुमारहट्टी में घटी एक दुर्घटना के बाद, जिसमें एक अवारा सांड ने एक व्यक्ति की जान ले ली थी, उस सांड को पकड़ के बद्दी की गौ शाला में भेज दिया गया है। बहुत सही कदम उठाया है। प्रशासन के इस कदम से यह भी साबित हो गया कि अगर वह चाहे तो ऐसे अवारा पशुओं को उनके लिए सुरक्षित ठिकानो पर भेजा जा सकता है। लेकिन फिर भी वह किसी बड़े हादसे का इंतजार क्यों करता है?
इसी तरह धर्मपुर में भी अवारा पशुओं से परेशानी है। मगर अभी तक किसी ने इसके बारे में नहीं सोचा। यहां भी दो तीन सांड बाज़ार में घूमे रहते हैं। कई बार वे आपस में लड़ कर सड़क पर हंगामा भी कर देते हैं। पर गनीमत है कि कोई इंसान उनका शिकार नहीं बना। तो क्या यह ज़रूरी है कि इन अवारा पशुओं को तभी गौ शाला भेजा जाए जब ये किसी न किसी इंसान की ज़िंदगी छिन लें?मेरे विचार से प्रशासन को चाहिए कि वो इन सांडों को भी पकड़ कर गौ शाला में भेज दे। वह किसी इंसान की ज़िंदगी खत्म होने का इंतज़ार न करे।
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