Thursday, 24 September 2026
Breaking News
7वां रमा अत्रे विमेंस क्रिकेट टूर्नामेंट 29 सितंबर से चंडीगढ़ में उत्तम तप लक्षण पर श्रद्धा और संयम की आराधना सुनहरे गीत-सुनहरी यादें’ से सजी संगीत की यादगार शाम एसुस ने भारत में अपना पहला पेगासस हाइब्रिड स्टोर लॉन्च करके चंडीगढ़ में अपनी रिटेल उपस्थिति को मज़बूत किया “501 गणेश बीड़ी” मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया पंजाबी गायक गुलाब सिंह सिद्धू के घर पर गोलीबारी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ बांग्लादेश में 7 हसीना सहयोगियों को मौत की सज़ा, भारत में शरण पर अटकलें उत्तम संयम धर्म की आराधना के साथ श्रद्धालुओं ने मनाई सुगंध दशमी संस्कृत भाषा में राष्ट्रीय अवार्ड प्राप्त, विद्वान पंडित साधू राम शास्त्री की पुण्यतिथि पर बुजुर्ग शिष्यों ने अपने प्राचार्य को किया नमन अब 1.80 लाख आय वाले परिवारों को भी मिलेगा लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ: मुख्यमंत्री
पंजाब Trending

आजादी का अमृत महोत्सव मना चुके देश की नई पीढ़ी को मैकाले की जूठन काले गाउनों में डिग्री क्यों?

Read in:Hindi

अमृतसर, फेस2न्यूज:
श्री गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में फिर वही डायर मैकाले के जूठे और गुलामी का प्रतीक काले गाउन छाए रहे।
पूर्व केबिनेट मंत्री रही लक्ष्मीकांता चावला ने सवाल उठाते हुए कहा कि अंग्रेजों के समय के बनाए बेतुके टोप सिर पर पहनकर वरिष्ठ शिक्षाविद् और अधिकारी कैसे सिर उठाकर चलते हैं, यह आश्चर्य और दुख की बात है। अंग्रेजी का प्रभुत्व भी वहां छाया रहा। बहुत से वक्ता केवल अंग्रेजी में बोले और पंजाबियत के नाम पर लोगों को लड़ाने वाले वहां पूरे खामोश रहे। यह ठीक है कि उपकुलपति का भाषण पंजाबी में था, लेकिन जो दूसरे प्रांतों से आए मेहमान थे वे न तो अपने प्रांत की भाषा में बोले, न हिंदी में।
हिंदी का तो पूरा त्याग गुरुनानक देव यूनिवर्सिटी करती ही है। यह ठीक है कि राज्यपाल महोदय ने हिंदी का थोड़ा साथ दिया।
भारतीय भाषाओं के नाम पर देश को लड़ाने वाले अंग्रेजी को मां के दूध की तरह पचा जाते हैं और समारोह में उपस्थित कोई भी बड़े से बड़ा बुद्धिजीवी यह सवाल नहीं करता कि स्वतंत्रता का अमृत महोत्सव मना चुका देश अभी भी मैकाले और डायर की जूठन का गुलाम क्यों?
देश के बहुत विश्वविद्यालय काला गाउन परंपरा छोड़ चुके हैं, पर पंजाब और हरियाणा अभी तक इसे छोड़ने को आखिर क्यों तैयार नहीं।