Tuesday, 08 September 2026
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स्ट्रोक दिवस पर करवाई वॉकथान, डीसीपी पंचकूला ने झंडी दिखाकर किया रवाना

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स्ट्रोक से बचाव के लिए समय पर उठाए कदम ही बचा सकते हैं जिंदगी: डा. अनुराग लांबा 

आर के शर्मा/पंचकूला  

पारस अस्पताल पंचकूला द्वारा वल्र्ड स्ट्रोक दिवस पर रविवार को एक वॉकथान करवाई गई, जिसमें 500 के करीब लोगों ने हिस्सा लिया। इस वॉकथान को पुलिस के डीसीपी आईपीएस सुरिन्द्रपाल सिंह ने यावनिका गार्डन से झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस अवसर पर अपने संबोधन में अस्पताल में न्यूरोलॉजी विभाग के एसोसिएट डायरेक्टर डा. अनुराग लांबा ने कहा कि दिमागी दौरे (स्ट्रोक) के खतरे से बचाव के लिए लोगों को अपने ब्लड प्रैशर, शुगर व कैलोस्ट्रोक पर काबू रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसलिए धूम्रपान को अलविदा कहकर तंंदरूस्त शरीर के लिए स्वस्थ आहार, फल व हरी सब्जियों का इस्तेमाल करना काफी फायदेमंद होता है।

(MOREPIC1)(SUBHEAD)उन्होंने कहा कि एक साधारण व्यक्ति को रोजाना कम से कम 150 मिनट कसरत करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्ट्रोक के लक्ष्णों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए, क्योंकि एक बार यदि इसको अनदेखा कर दिया गया तो जान से हाथ धोना पड़ सकता है या फिर उम्र भर अधरंग से पीडि़त रहना पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि अचानक आई कमजोरी, शरीर के एक तरफ सुन्नापन, बोलने या सुनने में परेशानी, अचानक शक्ल बदल जाना आदि अनेकों ऐसे लक्ष्ण हैं, जो दौरे का कारण बन सकते हैं।  देश में हर वर्ष डेढ़ से दो मिलियन नए केस सामने आ रहे हैं। ऐसे प्रभावित 6 लोगों में से 55 वर्ष से अधिक उम्र का पीडि़त पाया जाता है।  रोजाना तीन से चार हजार मरीज इस दौरे से प्रभावित होते हैं, जिनमें से सिर्फ 2-3 प्रतिशत ही इलाज से स्वस्थ होते हैं।
इस अवसर पर बोलते हुए अस्पताल के फैकिल्टी डायरेक्टर डा. जतिन्द्र अरोड़ा ने बताया कि पारस अस्पताल अब तकरीबन सभी ही बड़ी कार्पोरेट संस्थाओं के पैनल पर है। उन्होंने कहा कि स्ट्रोक (दिमागी दौरे) के इलाज के लिए अस्पताल द्वारा एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं दी जा रही हैं।
इस अवसर पर न्यूरोलॉजी विभाग के एसोसिएट डायरेक्टर डा. अनिल ढींगरा तथा न्यूरो सर्जरी के डायरेक्टर डा. वीके बातिश तथा डा. अखिल मोंगा एसोसिएट कंसलटेंट न्यूरो इंटरवेंशन, डा. अबीर गोयल एसोसिएट कंस्लटेंट न्यूरोसर्जरी एवं डा. अमन बातिश एसोसिएट कंस्लटेंट न्यूरो सर्जरी भी शामिल हुए।