जानकारी होने के बावजूद ट्रासंपोर्ट विभाग द्वारा आरोपित मुलाजिमों के खिलाफ नहीं की जा रही किसी किस्म की कोई कार्रवाई
(MOREPIC1) बरनाला (अखिलेश बंसल)
पंजाब को भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन देने के आधार पर सत्ता पर काबिज हुई आम आदमी पार्टी, सरकारी विभागों के अंदर क्या चल रहा है, शायद उससे पूरी तरह बेखबर है। खबर यह है कि पंजाब सरकार के परिवहन विभाग जलिद ही कुछ ऐसे अधिकारियों को पदोन्नत करने जा रहा है जिनमें किसी के पास जाली डिग्रियां हैं, किसी ने अपने मुलाजिम पिता के मृत्यु के बदले खुद भी नौकरी हासिल कर ली और उसकी माता ने भी हासिल कर ली। गौरतलब है कि कथित मिलीभगत से परिवहन विभाग में नौकरियां हासिल करने वालों की बार-बार शिकायतें होने के बावजूद आप सरकार का परिवहन विभाग तथ्यों को छिपाने की कोशिश कर रहा है।
आरोपितों के खिलाफ लंबे समय से चल रही हैं शिकायतें
परिवाहन विभाग के डायरी क्रमांक 9293/03.10.2018 के अनुसार शेरपुरा-लुधियाना के हरमेल सिंह नामक एक व्यक्ति ने जाली डिग्रियों के आधार पर गैर कानूनी ढंग से परिवहन विभाग में नौकरियां हासिल करने वाले कई लोगों के खिलाफ पंजाब सरकार के प्रमुख सचिव-परिवहन विभाग चंडीगढ़ को बताया था कि सरैन सिंह नाम का एक व्यक्ति पंजाब रोडवेज में कंडक्टर की पोस्ट पर तैनात था, लेकिन उसने मात्र दसवीं पास लडक़े को सरकारी नौकरी दिलाने के लिए मेडिकल पेन्शन ले ली। इधर विभाग ने उसे मगध यूनिवर्सिटी बिहार द्वारा जारी की गई ग्रेजुएशन की डिग्री के आधार पर इन्सपेक्टर की नौकरी दे दी।
इसी तरह विभाग में बस चालक की पोस्ट पर तैनात रहे ज्ञान चंद नामक व्यक्ति की सडक़ दुर्घटना में मौत हो गई, जिसके लडक़े को भी विभाग ने मगध यूनिवर्सिटी बिहार द्वारा जारी की गई ग्रेजुएशन की डिग्री के आधार पर इन्सपेक्टर भर्ती कर लिया। हरमेल सिंह ने कहा है कि गलत नियुक्ति पत्रों के आधार पर एक-दो नहीं कई लोग अधिकारी पद ग्रहण कर सरकारी खजाने को करोड़ों रुपयों का चूना लगा चुके हैं।
केस नंबर-1. कथित तौर पर जाली डिग्री के आधार पर एक व्यक्ति को परिवहन विभाग ने पहले ट्रैफिक मैनेजर (टीएम) बना दिया जो कि मौजूदा समय में चंडीगढ़ डिपो में तैनात है और महाप्रबंधक का चार्ज भी दे रखा है, लेकिन अब इसे पक्केतौर पर महाप्रबंधक के पद पर पदोन्नत करने की तैयारी हो रही हैं।
केस नंबर-2. कथित तौर गलत दस्तावेज के आधार पर ट्रैफिक मैनेजर (टीएम) का पद हासिल करने वाला दूसरा आरोपित बटाला डिपो में तैनात है, इसे भी विभाग ने महाप्रबंधक का चार्ज दे रखा है। हालांकि हाईकोर्ट द्वारा स्टे किया हुआ है, इसके बावजूद परिवहन विभाग इसे पक्केतौर पर महाप्रबंधक पद पर पदोन्नत करने की तैयारी हो रही हैं।(SUBHEAD)
केस नंबर-3. कथित तौर पर गलत दस्तावेज के आधार पर ट्रैफिक मैनेजर (टीएम) का पद हासिल करने वाले तीसरे आरोपित को अमृतसर-2 डिपो में महाप्रबंधक का चार्ज दे रखा है इसे भी पक्केतौर पर प्रोमोट करने की तैयारी हो रही है।
केस नंबर-4: परिवहन विभाग में एक ऐसे व्यक्ति ने लुधियाना डिपो में ट्रैफिक मैनेजर की नौकरी हासिल की जिसके पिता की किसी घटनाक्रम में मौत हो गई थी। उसके साथ ही उसके पिता की मौत के आधार पर अपनी माता को भी सरकारी नौकरी दिलवा दी।
इन्होंने हाल ही में दायर की शिकायत:
हरमेल सिंह के अलावा विभाग के लिए तन-मन से सेवा करने वाले रिटायर्ड अधिकारी भी शिकायतकर्ता बनकर सामने आए हैं। जिनमें पीआर से सेवानिवृत अधिकारी प्रशोत्तम सिंह और हरजिंदर सिंह ने 5 अप्रैल 2022 को प्रिंसीपल सैक््रेटरी पंजाब सरकार को परिवहन विभाग में फर्जीवाड़ा के आधार पर नौकरियां हासिल करने वालों के साथ साथ परिवहन विभाग के अंदर बैठे रिश्वतखोर अधिकारियों के भी पेच उधेड़े। उन्होंने जनहित में लिखी याचिकाओं की प्रतियां मुख्यमंत्री पंजाब, वित्तीय विभाग सचिव-परिवहन विभाग पंजाब और डायरेक्टर स्टेट ट्रांसपोर्ट विभाग पंजाब को भी भेज कर सही लोगों की नियुक्तियां करने की विनती की थी।
जांच में उच्चाधिकारियों को किया गुमराह:
जाली डिग्रियां के आधार पर परिवहन विभाग में नौकरियां हासिल करने वालों की शुरु हुई जांच में हैरानीजनक तथ्य देखने को मिले हैं। जिनमें सूचना का जवाब देने वाले अधिकारियों ने पत्र नंबर 1242/कलर्क/ईओ/12.12.2019 के हवाले से लिखा है कि चंडीगढ़ में बतौर ट्रैफिक मैनेजर तैनात जिस अधिकारी का रिकार्ड मांगा है वह रिकार्ड कार्याल्य में उपलब्ध ही नहीं है।
अदालत को क्या जवाब देगा परिवहन विभाग:
गौरतलब है कि केस नंबर-2 और केस नंबर-3 के आरोपित दोनों ट्रैफिक मैनेजरों को राज्य सरकार वर्ष 2017 में टीएम से एसएस (स्टेशन सुपरवाइजर) रिवर्ट कर चुकी है, जिस पर दोनों से माननीय हाईकोर्ट से स्टे हासिल कर लिया था। दोनों का केस फैसला माननीय अदालत में पेंडिंग है। यहां यह भी बताना जरूरी है कि एक तरफ तो सरकार ने हाईकोर्ट में एफीडेविट दिया है कि केस नंबर-2 और केस नंबर-3 के आरोपित दोनों अधिकारियों को सही रिवर्ट किया है और अब सरकार दूसरी तरफ इन्हें प्रोमोट कर रही है। सवाल यह है कि जिस मुद्दे को लेकर सरकार अदालत में लड़ाई लड़ रही है उसके बारे में विभाग अदालत में क्या सफाई देगा यह बात समझ से परे है।
पीआर में इंस्पेक्टर की पोस्ट है प्रोमोशनल सीट:
पंजाब रोडवेज में निरीक्षक का पद शार्ट टाईम प्रोमोशनल सीट है। जिसमें निरीक्षक कुछ ही वर्षों में महाप्रबंधक का पद पा सकता है। जिसको लेकर शिकायतकर्ता हरमेल सिंह, पंजाब सरकार के जनहित याचिका में प्रोसोनल एवं प्रबंधकीय सुधार विभाग (प्रसोनल एंड पालिसी शाखा) को चेता चुके हैं कि यदि किसी को तरस के आधार पर परिवहन विभाग में नौकरी दी जाती है तो उसकी सबसे निचले पद पर तैनाती की जाती है ना कि सीधे अधिकारी पद पर बिठाना होता है।
यह कहते हैं मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर
पंजाब की आप सरकार के परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने जाली डिग्रियों और झूठ की बुनियाद पर पहले नौकरियां हासिल करने फिर पदोन्नतियां हासिल करने जा रहे परिवहन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है, इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि विभाग में शामिल जिन अधिकारियों की वजह से आरोपित लोग अधिकारी पद तक ग्रहण कर चुके हैं उनकी भी अलग से जांच की जाएगी।