Saturday, 31 October 2026
Breaking News
सतर्कता सप्ताह के दौरान स्कूल में भाषण प्रतियोगिता का आयोजन हरियाणा के राज्यपाल ने सतीश कुमार को हरियाणा लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष पद की दिलाई शपथ करवा पार्टी 2026 का भव्य आयोजन, महिलाओं ने किया जमकर डांस और मस्ती व्यापारियों की पेंशन योजना और व्यापारी आयोग के गठन के लिए संघर्ष जारी रहेगा : गोपाल शरण गर्ग यह बेचारी सरकार हमारी गधा बिरादरी का स्वर्णकाल गुवाहाटी के चलचित्रम महोत्सव में ‘टॉय गन’और ‘द साइलेंट क्राइसिस’ को सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार चंडीगढ़ की डॉ. रितु नांगिया ने छठे भारतीय साइंस टेक्नो फेस्टिवल 2026 में तृतीय स्थान प्राप्त किया पंजाब यूनिवर्सिटी परिसर में खादी प्रदर्शनी शुरू देवताओं के नजराने में 5 प्रतिशत, बजंतरियों के मानदेय में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी
हिमाचल Trending

बागी विधायकों पर सर्वोच्च न्यायालय का फैसला लोकतंत्र की बड़ी जीत: नरेश चौहान

Read in:Hindi

फेस2न्यूज/शिमला।

मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान ने हिमाचल प्रदेश के 6 बागी कांग्रेस विधायकों की याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय की आज की तारीख के मत का स्वागत करते हुए कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के फैसले से यह सिद्ध हुआ है कि लोकतंत्र में जनादेश का सर्वोच्च महत्व है।

उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष के फैसले को बरकरार रखा है। यह लोकतांत्रिक मर्यादाओं को और मजबूत करने वाला निर्णय है। इससे यह भी साबित हुआ है कि जिन लोगों ने चुनी हुई सरकार को आघात पहुंचाने एवं अस्थिर करने का प्रयास किया, उन्हें कानून ने उचित रास्ता दिखाया है।

नरेश चौहान ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के 6 बागी विधायकों ने कांग्रेस के चुनाव चिन्ह् और कांग्रेस के विचार पर जनादेश प्राप्त किया, पर उन्होंने कांग्रेस पार्टी की ही सरकार को धोखा दिया। इन बागी विधायकों ने उन मतदाताओं का भी अपमान किया एवं उन मतदाताओं के साथ भी धोखा किया जिन्होंने इन विधायकों को अपना बहुमूल्य मत देकर विजयी बनाया, विधानसभा भेजा एवं अपना प्रतिनिधि चुना। उन्होंने कहा कि बागी विधायकों के स्वार्थी फैसले से देशभर में हिमाचल की ईमानदार छवि को भी ठेस लगी है।(SUBHEAD)

उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के फैसले से दल-बदल कानून के निहित उद्देश्यों को और बल मिला है। इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था और मजबूत हुई है। साथ ही यह उन लोगों के लिए भी कड़ा संदेश है जो अपने स्वार्थों के लिए अपनी विचारधारा के साथ-साथ अपने ईमान का भी त्याग कर देते हैं।

नरेश चौहान ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के इस निर्णय से देशभर में उन ताकतों को भी कड़ा संदेश मिला है जो लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमज़ोर करने और सत्ता सुख के लिए संवैधानिक मर्यादाओं को लांघने में गुरूेज नहीं करतीं।

उन्होंने कहा कि अपनी पार्टी, विचार और जनादेश का सम्मान करना किसी भी जनप्रतिनिधि का सर्वोच्च दायित्व होता है। इस विचार को त्याग कर लोभ और सत्ता की कामना करने वाले तत्व कभी भी अपने उद्देश्य में सफल नहीं हो सकते।

उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का यह फैसला निश्चित रूप से लोकतंत्र की बड़ी जीत है और यह मतदाताओं व जनादेश की आशाओं और आकांक्षाओं को संबल प्रदान करने वाला निर्णय है।

0 Comments