Thursday, 14 May 2026
Breaking News
सीबीआई ने उत्तराखंड के एलयूसीसी चिट फंड घोटाले में सरगना सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया हिमाचल के एंटी चिट्टा मॉडल से सीखेंगे बाकी राज्य स्टार ऑफ ट्राइसिटी ग्रुप ने मनाया नारी शक्ति का जश्न, प्रतिभा पंडित को सुपर मॉम खिताब से सम्मानित किया सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के उपलक्ष्य में चंडीगढ़ में निकली भव्य कलश शोभायात्रा सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के उपलक्ष्य में चंडीगढ़ में निकली भव्य कलश शोभायात्रा श्री विष्णु अवतार बाबा रामदेव मंदिर में की गई भगवान श्री द्वारकाधीश मूर्ति स्थापना असम से बंगाल तक गहराया भगवा प्रभाव, पूर्वी भारत में बदले राजनीतिक समीकरण सारे रिश्ते बदल भी जाएं, पर जीवन भर एक जैसी रहती है मां... चण्डीगढ़-कोटद्वार बस सेवा फिर शुरू, उत्तराखण्डवासियों में खुशी की लहर श्री प्राचीन शिव मंदिर, सेक्टर 23-डी में वार्षिक मूर्ति स्थापना महोत्सव 9 से : 14 मई से होगा श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन
कविताएँ Trending

हरप्रीत सिंह सेखों की कविता की पहली पुस्तक 'चानण' जन समर्पित

Read in:Hindi

चंडीगढ़, फेस2न्यूज:
नवोदित लेखक हरप्रीत सिंह सेखों की कविता की पहली पुस्तक चानण समाज की कठोर वास्तविकताओं को बखूबी बयान करती है और हमें उस रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित करती है जो अंधेरे को रोशन करता है।
यह विचार सेक्टर-16 स्थित पंजाब कला परिषद के सभागार में पंजाब कला परिषद के सहयोग से पंजाब के सांस्कृतिक मंच (आरजे) द्वारा आयोजित समागम के दौरान व्यक्त किया गया।
इन व्यक्तित्वों ने काव्य पुस्तक के बारे में अपने विचार साझा करते हुए कहा कि हरप्रीत की कविताएं मानव जीवन की भावनाओं और दर्द की गहराइयों को छूती हैं और साथ ही पाठकों को आशा नहीं छोड़ने का मार्गदर्शन करती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के एक प्रमुख पद पर सेवा करते हुए साहित्यिक सेवा में आना लेखक के संतुलित और सूक्ष्म दृष्टिकोण को दर्शाता है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गीतकार बाबू सिंह मान (मान मारघन वाला) ने इस पुस्तक के बारे में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति को जीवन में नई राह बनाने के लिए अद्वितीय कौशल का चयन करना होता है और हरप्रीत अपने काम की जिम्मेदारी भी बखूबी निभाते हैं। – काव्य रचना का महत्वपूर्ण कार्य कर अपने व्यक्तित्व का एक अनूठा पक्ष प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि साहित्यिक कृतियों को आम लोगों की सरल भाषा में लिखा जाना चाहिए ताकि लेखक के मन की भावनाएँ पाठक के हृदय में प्रवेश कर सकें।
समारोह की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और महानिदेशक स्कूल शिक्षा वरिंदर कुमार शर्मा ने कहा कि हरप्रीत सेखों ने इस पुस्तक को रचकर साहित्य की सेवा के प्रति अपना समर्पण और जुनून व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि सरकारी पद पर रहते हुए कविता लिखने का कार्य बहुत चुनौतीपूर्ण है लेकिन हरप्रीत ने इस कार्य को पूरी लगन से किया है। उन्होंने कहा, “मैं पुस्तक के लेखक के प्रशासनिक पक्ष को यह भी बताना चाहूंगा कि वह अपने कर्तव्य के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कोरोना के कठिन समय में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और ऐसा संवेदनशील व्यक्ति एक अच्छा लेखक हो सकता है।”
पूर्व लोकसभा सदस्य प्रोफेसर साधु सिंह ने अपने विचार प्रस्तुत करते हुए कहा कि लेखक अपनी कलम के माध्यम से सामाजिक और व्यक्तिगत कष्टों और अनुभवों को बयान करता है। उन्होंने कहा कि हरप्रीत की कविताएं भी उनके सूक्ष्म दृष्टिकोण की गवाही देती हैं। प्रोफेसर साधु सिंह ने कहा कि यह बहुत खुशी की बात है कि हरप्रीत उनके छात्र रहे हैं और आज उन्होंने कविताओं की इस पुस्तक के माध्यम से साहित्य के क्षेत्र में शानदार तरीके से प्रवेश किया है।
इस मौके पर पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ के पंजाब डिपार्टमेंट के चेयरमैन योगराज एवं साहित्य समीक्षक प्रो. ब्रह्मजगदीश सिंह ने काव्य पुस्तक के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कला परिषद के सचिव डॉ. लखविंदर जोहल ने कहा कि हरप्रीत सेखों की कविता भविष्य में नए क्षितिज स्थापित करेगी। उन्होंने आगे कहा कि अगर कोई अधिकारी है और व्यवस्था को संबोधित करते हुए कविता लिखता है, तो उसके लिए यह रास्ता बहुत कठिन हो जाता है, जिसके कारण इस पुस्तक का और भी अधिक स्वागत करना पड़ता है।
चानण पुस्तक के लेखक हरप्रीत सिंह सेखों ने अपनी काव्य यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसमें मेरे मित्रों, मेरे परिवार, विशेषकर मेरी पत्नी का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने आगे कहा कि बाबू सिंह मान और सुरिंदर छिंदा अन्य ने पुस्तक को प्रकाशित करने के लिए प्रोत्साहित किया। अंत में उन्होंने अपनी कविताओं का पाठ किया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।
इस बीच, हरप्रीत सेखों की बेटी जॉय सेखों ने भी अपने पिता की साहित्यिक यात्रा पर प्रकाश डालने वाली एक कृति प्रस्तुत की। हरप्रीत सेखों की पत्नी डॉ. अमरजीत कौर सेखों ने सभी गणमान्य व्यक्तियों का धन्यवाद किया। मंच का संचालन प्रभादीप सिंह नथोवाल ने किया।