Friday, 18 September 2026
Breaking News
नई दिल्ली में ब्रिक्स का संदेश: भारत की वैश्विक भूमिका के लिए बढ़े अवसर बरनाला सीमा में बिछी हुई थिंक गैस पाइपलाइन लीक सेवा संकल्प अभियान का नशा मुक्ति हरियाणा-नमो मैराथन के आयोजन से हुआ आगाज दशलक्षण पर्व का भव्य शुभारंभ, शांतिधारा एवं घट यात्रा के साथ श्रद्धालुओं ने की आराधना राजस्थान में सीपीएम के बढ़ते कदम जीसीसीबीए सेक्टर-50 ने मरीजों के लिए एकत्र किए 80 यूनिट रक्त वार्ड नंबर 5 दर्शनी बाग में पेवर ब्लॉक लगाने के कार्य का नम्बरदार फतेह सिंह ने किया उद्घाटन  इंटरनेशनल कोआपरेटिव एलायंस चुनाव में इफको अध्यक्ष दिलीप संघाणी ग्लोबल बोर्ड के निदेशक हुए निर्वाचित मुहब्बत भी ज़रूरी है इबादत भी ज़रूरी है......... अल्पसंख्यक वर्ग को इंसाफ दिलाने केन्द्र सरकार पूरी तरह से प्रयासरतः चेयरमैन
हिमाचल Trending

देव भूमि हिमाचल में धार्मिक पर्यटन सर्किट विकसित करने की आवश्यकता: राज्यपाल

मां ज्वाला देवी जी के दर्शन कर राज्यपाल ने प्रदेश व देश की खुशहाली की कामना की

फेस2न्यूज /शिमला

राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने  ‘देव भूमि’ हिमाचल प्रदेश में एक समर्पित धार्मिक पर्यटन सर्किट विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इस सर्किट के माध्यम से प्रदेश के प्रसिद्ध मंदिरों, शक्तिपीठों, मठों और धार्मिक स्थलों को बेहतर सड़क, आधुनिक सुविधाओं और मजबूत संपर्क व्यवस्था से जोड़ा जाना चाहिए। इससे न केवल प्रदेश की धार्मिक पहचान मजबूत होगी, बल्कि रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा और प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत का संरक्षण भी होगा।

राज्यपाल ने यह बात आज कांगड़ा जिले स्थित मां ज्वाला देवी जी मंदिर में शीश नवाने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कही। इस अवसर पर लेडी गवर्नर बिंदु गुप्ता भी उनके साथ उपस्थित रहीं।

राज्यपाल ने मां ज्वाला देवी जी से प्रदेश और देशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में मां ज्वाला देवी जी, मां ब्रिजेश्वरी देवी जी, मां चिंतपूर्णी जी, मां नैना देवी जी, मां चामुंडा देवी जी सहित अनेक प्राचीन मंदिर और मठ स्थित हैं, जो विश्वभर में श्रद्धा के केंद्र हैं। इन सभी धार्मिक स्थलों को एक व्यापक धार्मिक पर्यटन सर्किट से जोड़ने की आवश्यकता है, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

उन्होंने कहा कि धार्मिक पर्यटन हिमाचल की अर्थव्यवस्था का एक मजबूत आधार बन सकता है। राज्यपाल ने प्रदेश सरकार, पर्यटन और अन्य संबंधित विभागों से मिलकर श्रद्धालुओं के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित करने का आह्वान किया, साथ ही धार्मिक स्थलों की पवित्रता और आध्यात्मिक वातावरण को बनाए रखने पर भी बल दिया। राज्यपाल ने मंदिर प्रशासन और स्थानीय प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं की सराहना भी की।