Tuesday, 14 April 2026
Breaking News
वृिद्धम ने किया मेगा फ्री एस्ट्रो कंसल्टेशन इवेंट का भव्य आयोजन विद्यार्थी अपनी क्षमता को पहचाने और दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को साकार करें : डॉ. अनीता खोसला सांसद साहनी के निजी सदस्य विधेयक ऑनलाइन हेट स्पीच (प्रिवेंशन) बिल, 2024 को संसद में प्रस्तुत किए जाने की राष्ट्रपति ने स्वीकृति प्रदान की जीरकपुर के ढकोली में ​खुला बचपन प्ले स्कूल अमरावती क्रिकेट एकेडमी और कुरुक्षेत्र क्रिकेट एकेडमी ने अपने-अपने लीग मैच जीते मठ मंदिर की रथ यात्रा के दौरान हरे कृष्णा-हरे राम व जय राधा-माधव के जयकारों से गूंज उठा शहर श्री साई धाम, सेक्टर 29 में गोपाल काला दही हांडी उत्सव का हुआ आयोजन हल्लोमाजरा में गैस कनेक्शन बंद होने से लोग परेशान, प्रशासन से जल्द समाधान की मांग गौड़ीय मठ का सनातन सेवा में योगदान सराहनीय : गुलाब चंद कटारिया हरियाणा में बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल, 63 आईएएस और एचसीएस इधर से उधर
हरियाणा Trending

सावधान! बकाया बिजली बिल के फर्जी एसएमएस भेजकर उपभोक्ताओं से ठगी की कोशिश

Read in:Hindi

चंडीगढ़, फेस2न्यूज:
हरियाणा पुलिस ने एक एडवाइजरी के माध्यम से नागरिकों को सतर्क करते हुए अनुरोध किया है कि वे बकाया बिजली बिलों के संबंध में एसएसएस द्वारा उन्हें कनेक्शन काटने संबंधी भेजे जा रहे फर्जी संदेशों पर कोई जानकारी साझा न करें।
हरियाणा पुलिस के प्रवक्ता ने नागरिकों को ऐसे साइबर ठगों से सतर्क रहने का आग्रह करते हुए बताया कि साइबर क्राइम का एक नया चलन सामने आया है जिसमें साइबर जालसाज बिजली बिल का भुगतान न करने के नाम पर लोगों को ठगने में लगे हैं। ऐसे जालसाज व्यक्तिगत और बैंकिंग डाटा चुराने व मैलवेयर इंस्टॉल करने वाले लिंक पर क्लिक करने के लिए विश्वसनीय स्रोतों से होने का दावा करते हुए टेक्स्ट मैसेज भेजते हैं। पुलिस द्वारा ऐसे स्कैमर्स के जाल में न फंसने की सलाह देकर नागरिकों से सतर्क रहने की लगातार अपील की जा रही है।   (SUBHEAD)
ठगी के तरीके का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि ऐसे धोखेबाज पहले लक्षित फोन नंबरों पर टेक्स्ट मैसेज भेजते हैं, जिसमें कहा जाता है कि आपकी बिजली काट दी जाएगी क्योंकि आपके पिछले महीने का बिल अपडेट नहीं हुआ है और दिए गए नंबर से संपर्क करने के लिए कहा जाता है। एक बार पीड़ित द्वारा दिए गए नंबर पर संपर्क करने के बाद, जालसाज पीड़ित को पिछले भुगतानों को सत्यापित करने के उद्देश्य से बैंक खाते के विवरण साझा करने के लिए मनाने की कोशिश करते हैं। साथ ही एनीडेस्क, टीम व्यूअर जैसे रिमोट एक्सेस एप्लिकेशन इंस्टॉल करने के लिए भी कहा जाता है।
जैसे ही पीड़ित व्यक्ति दिए गए निर्देशों का पालन करके जानकारी साझा करता है, तो साबइर ठगी करने के लिए पीड़ित का बैंक खाता जालसाज के नियंत्रण में आ जाता है।
नागरिकों को ऐसे जालसाजों से बेहद सावधान रहने का सुझाव देते हुए, प्रवक्ता ने आग्रह किया कि जब तक वे व्यक्ति या संगठन को अच्छी तरह से नहीं जानते, तब तक अपनी व्यक्तिगत जानकारी या फोन नंबर साझा न करें। अनौपचारिक स्रोतों से सॉफ्टवेयर डाउनलोड करने से बचें। साथ ही अवांछित टेक्सट के जवाब में या संदेश से जुड़ी वेबसाइट पर व्यक्तिगत या वित्तीय जानकारी प्रदान करने से बचें। इसके अतिरिक्त, संदेहास्पद टेक्स्ट वाले लिंक पर क्लिक करने से भी बचना चाहिए।
यदि फिर भी साइबर ठगी का शिकार बनते हैं, तो ऐसी किसी भी घटना की सूचना cybercrime.gov.in पोर्टल या नजदीकी पुलिस स्टेशन पर दें।