जीरकपुर, (मेजर अली)
स्थानीय गोपाल गौधाम गौशाला में अचानक 11 गायों की मौत के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है। जिसके बाद शुक्रवार को प्रशासन ने टीम गठित कर सभी गायों की जांच शुरू कार दी है और टीकाकरण भी शुरू कर दिया है। इस गौशाला में कुल 660 गाय जिसमें करीब 175 गाय बीमार हैं। वीरवार से लेकर शनिवार तक कुल 13 मवेशियों की मौत हो चुकी है। इसके इलावा शहर में लावारिश घूम रही गायों में भी लंपी स्किन की समस्या देखने को मिल रही है। जिनकी देखरेख के लिए प्रसाशन कोई कदम नही उठा रहा है। हालांकि कुछ समाज सेवी संस्थाओं द्वारा शुक्रवार को गौशाला पहुंचकर गेंहू के पेड़े में दवाई मिलाकर गायों को दी जा रही है ताकि बीमारी ओर ज्यादा ना फैले। जीरकपुर शहर की सड़कों पर घूम रहे लावारिश मवेशियों को भी दवाई दी जा रही है, लेकिन प्रसाशन अपने तौर पर क्या कर रहा है, इसकी जानकारी किसी को नही है।
पालतू गाय भी बीमारी के डर छोड़े जा रहे हैं सड़कों पर:
लंपी स्किन की बीमारी इतनी फैल गई है कि लोगों में डर का माहौल पैदा हो गया है। लोगों ने डर के मारे अपने घरों में रखे हुए मवेशी सड़को पर छोड़ दिए हैं। गाय पालने वाले ज्यादातर लोग इनका दूध निकालने के बाद चरने व घूमने के लिए इनको सड़कों पर छोड़ देते हैं। जिस कारण हादसे भी हो जाते हैं, बीते एक सप्ताह पहले पंचकुला बैरियर पर दो गायों की सड़क हादसे में मौत हो चुकी है ओर गाड़ियों को भी भारी नुकसान हुआ है। ऐसे में खुले छोड़े गए मवेशियों के मालिकों खिलाफ काऊंसिल को ध्यान देना चाहिए। ऐसे पशु मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए, जो गायों को सड़कों पर छोड़ते हैं। लावारिश घूम रहे मवेशियों के कारण हादसे तो हो ही रहे हैं साथ ही गंदगी भी फैल रही है।
वीरवार से गाय व सांड की मौत के बाद हमने पूरी जानकारी प्रसाशन को दे दी थी, लेकिन अब तक कोई मदद नही की गई। केवल एक डॉक्टर है जो पभात पशु अस्पताल से आता है। नीम गर्म पानी, विटामिन सी व बी और दवाई हमारी संस्था द्वारा ही दी जा रही है। प्रसाशन द्वारा कोई मदद नही की जा रही।
– तरलोचन सिंह भाटिया, कर्मचारी गोपाल गोधाम गौशाला जीरकपुर
हमे पता चला है, उनका ट्रीटमैंट शुरू कर दिया है। जो भी जरूरत पड़ेगी हम पूरा साथ देंगे।
– रवनीत सिंह कार्यकारी अधिकारी नगर काऊंसिल जीरकपुर