डेराबस्सी, कृतिका: (SUBHEAD)
पंजाब में नवगठित आम आदमी पार्टी सरकार ने सरकारी अस्पतालों में लोगों को आधुनिक स्तर की स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने का वादा किया है, यह महज बयानबाजी से ज्यादा कुछ नहीं है। स्थिति इतनी खराब है कि चौबीसों घंटे आपातकालीन सेवाएं देने वाला डेराबस्सी का सरकारी अस्पताल अपनी हालत खुद बयां कर रहा है। डिस्पेंसरी में पूरी दवा, कमरे में डाक्टर न मिलने से जहां जिंदा लोग मायूस हैं, वहीं शवों को मौत के बाद शव रखने के लिए मोर्चरी में रखे फ्रीजर भी खराब हो गए हैं।यह हाल पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ से महज 20 किलोमीटर दूर डेराबस्सी के सरकारी अस्पताल का है।
हालांकि इस अस्पताल के बाहर बोर्ड पर 24 घंटे इमरजेंसी सेवाएं बड़े अक्षरों में लिखी जा रही हैं, लेकिन 2 बजे के बाद यहां सिर्फ इमरजेंसी में ही डॉक्टर उपलब्ध रहता है, अन्य सेवाएं एक्स-रे, अल्ट्रा साउंड, लैबोरेटरी, फ्री मेडिसिन डिस्पेंसरी बंद पड़ी है। (MOREPIC1)
अस्पताल का दौरा करने पर पता चला कि मुर्दाघर के 2 रेफ्रिजरेटर में से एक खराब हो गया है, जिस कारण शव को स्ट्रेचर पर बर्फ के साथ रखा गया है। अपने 11 माह के बच्चे की दवा लेने आए पिता ने बताया कि 4 नंबर कमरे के बाहर 1 घंटे से डॉक्टर का इंतजार कर रहा है। डिस्पेंसरी में दवा लेने आए करीब 10 मरीजों से बात करने पर उन्होंने कहा कि पर्ची में लिखी सभी दवाएं उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए मजबूरन उन्हें बाहर से महंगी दवाएं खरीदने को मजबूर होना पड़ता है। लालडू से आंख की दवा लेने आई महिला ने बताया कि वह 1 बजे से पहले अस्पताल पहुंच गई थी, लेकिन बिना दवा दिए अगले दिन आने को कह कर वापस भेज दिया, जबकि 1 बजे तक का समय है। हड्डीयों के डाक्टर की ड्यूटी प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में लगी होने के कारण उनसे दवाई लेने आए मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। (MOREPIC2)
इस बारे में बात करने पर अस्पताल के एसएमओ डॉ. धर्मिंदर सिंह ने कहा कि स्टोर में दवाएं खत्म हो गई हैं, जिसके बारे में विभाग को लिखा गया है, दवाएं जल्द आ जाएगी। मुर्दाघर में खराब रेफ्रिजरेटर के बारे में उन्होंने कहा कि रेफ्रिजरेटर 15 साल पुराने हैं, जो बार-बार मरम्मत के बावजूद खराब हो जाते हैं। नए फ्रिज के लिए विभाग को पत्र भेजा गया है। गर्मियों में शव को बर्फ पर रखा जाता है। बीती रात 5 शव जमा होने के कारण ऐसा करना पड़ा।
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डेराबस्सी: सरकारी अस्पताल खुद हुआ बीमार, मरीजों को नही मिल रहा डॉक्टर
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