जीरकपुर, कृतिका:
दीपावली की रात पटाखों की चिंगारी और शॉर्ट सर्किट से 8 जगहों पर आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं। घटना की सूचना के बाद दमकल विभाग की गाड़ियां लगी रही। दीपावली की रात को लेकर दमकल विभाग द्वारा विशेष तयारी की हुई थी, विभाग द्वारा दो टीमें बनाई हुई थी, पहली टीम वीआईपी रोड पर मौजूद और दूसरी टीम ढकोली थाने के नजदीक मौजूद थी। विभाग ने पूरे शहर को दो हिस्सों में बांटा हुआ था। एक हिस्से में वीआईपी रोड, लोहगढ रोड और बलटाना क्षेत्र था जिसे फायर ऑफिसर राजीव कुमार लीड कर रहे थे और दूसरे हिस्से में ढकोली, पीर मुछल्ला किशनपुरा, ओल्ड कालक रोड आदि का हिस्सा था जिसे फायर ऑफिसर जसवंत सिंह लीड कर रहे थे। जिसके चलते घटनाओं पर जल्दी काबू पाया गया।
पहली काल सिवालिक विहार से शाम 6 बजकर 44 मिनट पर प्लाट में घास को लगने को आई और आखरी काल 11 बजकर 51 मिनट पर भांखरपुर में मशरूम तैयार करने वाली प्लांट की थी। इस दौरान टोटल आठ काल आई जिसमें 3 काल खाली प्लाट में लगी आग की, दो दुकानों में, एक फ्लैट, एक घर और एक प्लांट में कुल 8 जगहों पर घटनाओं हुई हैं। यह सभी घटनाए पटाखों और शार्ट शर्किट के कारण हुई है। गनीमत यह रही की कहीं भी कोई जानी या माली नुकसान नही हुआ है।
पटाखे जलाने से शहर में एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हुए है। गनीमत यह रही की किसी भी व्यक्ति को गंभीर चोट नही आई है। सरकारी अस्पताल ढकोली में पटाखे जलाने से घायल होने के बाद इलाज करवाने के लिए कुल 12 लोग आए जो सभी मेल केटागिरी के थे। जानकारी अनुसार यह भी पता चला है कि सभी मेल 40 से ऊपर थे। गनीमत रही कि कोई भी बच्चा घायल नही हुआ है। जबकि इससे पहले दीपावली के दिन पटाखों से घायल होने वाले बच्चों की संख्या ज्यादा होती थी। जबकि कुछ लोग घायल होने के प्राइवेट अस्पताल भी गए है।
– एस एम ओ सरकारी अस्पताल ढकोली,पोम्मी चतरथ
प्रसाशन द्वारा बढ़ते प्रदूषण को रोकने के किए पटाखे बजाने के लिए 8 बजे से 10 बजे तक दो घंटे का समय तय किया गया था। लेकिन लोगों ने सोमवार को ही पटाखे बजाने शुरू कर दिए थे और मंगलवार को तो लोगों ने शाम 5 बजे से पटाखे बजाने शुरू कर दिए थे और रात 2 बजे तक यह सिलसिला चलता रहा। बात करने पर कुछ लोगों ने बताया की यह एक श्रद्धा का त्योहार है और साल में एक दिन ही मनाया जाता है। अगर सरकार या प्रसाशन प्रदूषण की बात करते हैं तो उन्हें सबसे पहले आपने आप में सुधार करना चाहिए, क्योंकि आसपास कितनी फैक्ट्रीयां हैं जो रोजाना हवा को प्रदूषित करती है। फिर प्रसाशन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नही करता। स्थानीय लोगों ने बताया कि कोरोना के बाद वह इस बार दीपावली मना रहे हैं। वहीं बहुत सारे लोगों ने ग्रीन दीवाली मानने में सहमति जताई और आसपास के लोगों से ग्रीन दीपावली मनाने की अपील भी की।
– राजीव कुमार, फायर ब्रिगेड ऑफिसर
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दीपावली की रात 8 जगहों पर लगी आग, पटाखों से 12 लोग घायल
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