जीरकपुर, कृत्रिका:
किशनपुरा गांव में पड़ती ड्रीम होम सोसाइटी में मंगलवार से पीने वाले को तरस रहे हैं क्योंकि बिजली विभाग द्वारा दो महीने के बिल न भरने के कारण सोसाइटी में लगी मोटर का बिजली कनेक्शन काट दिया गया है। लोग आपने गुजारे के लिए खुद के खर्चे पर पानी के टेंकर मंगवा कर पानी की पूर्ति की जा रही है। इसमें नगर काऊंसिल भी सोसाइटी निवासियों का साथ नही दें रही क्योंकि कालोनाइजर ने अब तक सोसाइटी का कंपलिशन नही लिया है और न ही सोसाइटी हेंड ओवर की गई है। जिसके चलते पिछले तीन दिन से लोग परेशान हैं क्योंकि पीने तक का पानी नही है। लोगों का कहना है कि हमने पैसे देकर घर खरीदे हैं, बिल्डर सोसाइटी हेंड ओवर नही कर रहा तो इसमें हमारी क्या गलती है। नगर काऊंसिल को बिल्डर खिलाफ सख्त एक्शन लेना चाहिए। सोसाइटी निवासी विजय मुकुंद, जय प्रकाश, रमेश शर्मा, सतीश शर्मा, आंनद वीर, प्रभु राम ने बताया कि उनकी सोसासिटी का बिल केवल दो महीने का ही था जब कि पावरकाम विभाग ने बिना किसी नोटिस के उनका कनेक्शन काट दिया है। लोगों ने बताया कि यदि हम शिकायत लेकर नगर काऊंसिल के पास जाते हैं तो वो कहते हैं कि उनकी सोसाइटी का कंपलिशन नही हुआ है। हम इसमें कुछ नही कर सकते, पूरी जिम्मेवारी कलोनाइजर की है। सोसाइटी निवासियों का कहना है कि हम जाएं तो कहां जाएं। (SUBHEAD)
लोगों ने बताया कि सोसाइटी निवासियों द्वारा अपने स्तर पर 400 रूपये हरेक परिवार से इकठे कर काम चलाया जा रहा है। जिसमें भी सभी लोग पैसे नही देते और कहते हैं कि यह जिम्मेवारी कलोनाइजर की है या फिर काऊंसिल की है हम एकस्ट्रा पैसे क्यों दें। स्थानीय लोगों ने बताया कि पहले दो महीने का बिल था 1 लाख 70 हजार और वीरवार को एक ओर बिल आ गया है तो बिल 2लाख 12 हजार हो गया है। कनेक्शन काटने से पहले कम से कम उन्हें सूचना तो देनी चाहिए थी। उन्हें समय दिया जाता तो शायद वह पैसे इकठे कर बिल भर देते।
सोसाइटी में रहते हैं करीब 400 परिवार, लोग परेशान कलोनाइजर काट रहा सोसाइटी पे सोसाइटी :
स्थानीय लोगों का कहना है कि हमारी सोसाइटी 2011 में बनी थी और इस समय यहां 400 परिवार रह रहे हैं। लोगों ने बताया कि बिल्डर ने शुरू से अपनी मनमानी की है। हमारी सोसाइटी कुल 173 प्लाट की सोसाइटी थी लेकिन क्लोनाइजर ने अपनी मर्जी से प्लाट छोटे कर प्लाटों की संख्या बढ़ा दी और कहीं फ्लैट तो कहीं वन बीएच के अपनी ही मर्जी से बना दिए। जिस तरफ काऊंसिल के किसी अधिकारी ने ध्यान नही दिया या फिर कहें कि उनकी मिलीभगत से यह सब हुआ। वहीं लोगों का कहना है कि यदि बिल्डर ने सोसाइटी का कंपलिशन नही लिया, न ही हेंडओवर की है तो फिर काऊंसिल उन्हें आगे काम क्यों करने दे रही है। कलोनाइजर ने दो ओर सोसाइटीयां बना दी है। अगर वह सोसाइटी हेंड ओवर नही कर रहा तो इसमें हमारी क्या गलती है कलोनाइजर के खिलाफ कार्रवाई क्यों नही की जा रही है। हमने तो पैसे देकर घर खरीदें हैं, रजिस्ट्री का खर्चा दिया है। हरेक टैक्स दिया है फिर हमे क्यों परेशान किया जा रहा है। लोगों ने बताया कि कलोनाइजर ने 11 किलोवाट का लोड पानी की मोटर के लिए लिया है और मोटर 25 किलोवाट की लगा रखी है, जिसका हर महीने सर्चार्ज एकस्ट्रा देना पड़ रहा है। कलोनाइजर न तो बिल भर रहा है और न ही लोड बढ़ाकर दें रहा है। ऐसे में उनके पास कोई रास्ता नही बचा है।
अगर वह बिजली इस्तेमाल कर रहे हैं तो, बिजली का बिल तो भरना पड़ेगा। सोसाइटी का सांझा कार्य है तो हम लोगों की मदद में किस्तें बना सकते हैं, 6 महीने की किशतें बना ले, ताकि उन्हें भरने में आसानी हो। सरकार ने तो पहले ही 300 युनिट माफ कर दी है।
— एच एस ओबराय, एक्सीयन पावरकाम विभाग जीरकपुर