Wednesday, 30 September 2026
Breaking News
धर्म बहादुर जैन बने जेआईटीओ चंडीगढ़ चैप्टर के नए चेयरमैन यू.टी. क्रिकेट एसोसिएशन और पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन सीनियर्स ने अपने मैच जीते पटियाला पुलिस की बड़ी कार्रवाई: लॉरेंस बिश्नोई गैंग के 2 सक्रिय सदस्य गिरफ्तार, 7 पिस्तौल और 23 जिंदा कारतूस बरामद आसफवाला के शहीदों का इतिहास स्कूलों के पाठ्यक्रम में शामिल हो : राष्ट्रपति मुर्मू परिहास, उपहास और संवाद कबड्डी के मैच की ऑफिशिएटिंग में सुधार की ज़रूरत राजस्थान परिवार ट्राइसिटी की ‘चाय पर चर्चा’ में समाज की समस्याओं और भागीदारी पर मंथन 20वें एशियाई खेलों कें पदक विजेताओं को दी जाएगी 5.33 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशिः मुख्यमंत्री गोल्ड मेडल विजेता सुरुचि को मुख्यमंत्री और खेल मंत्री ने फ़ोन पर दी बधाई, -डीसी वर्षा खांगवाल ने किया सम्मानित ढकोली में ओआरसी सैनिक अकादमी ने चलाया पौधारोपण अभियान
हिमाचल Trending

भवन बनाने के लिए पंजीकृत निजी पेशेवर दे सकेंगे अनुमति

Read in:Hindi

शिमला, फेस2न्यूज:
शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि प्रदेश में शहरी स्थानीय निकायों और हिमुडा के 500 वर्गमीटर तक के आवासीय प्लाटों में रिहायशी भवन बनाने की अनुमति अब पंजीकृत निजी पेशेवर भी दे सकेंगे। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश में आम लोगों को मकान बनाते समय नगर एवं ग्राम योजना विभाग (टी.सी.पी) के कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
सुरेश भारद्वाज ने कहा कि इससे पंजीकृत निजी पेशेवर, स्थल निरीक्षण व निरीक्षण रिपोर्ट करने के बाद केवल 30 दिनों के भीतर हिमाचल प्रदेश नगर एवं ग्राम योजना नियम 2014 के तहत विकास अनुमति की अनुज्ञा प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि निजी पेशेवर जिन्हें एक वर्ष से ज्यादा का अनुभव है केवल वही इस आदेश के तहत भवन बनाने की अनुमति प्रदान कर पाएंगे।
उन्होंने कहा कि इस आदेश के तहत सभी अनुमतियां पंजीकृत निजी पेशेवरों द्वारा ऑनलाइन माध्यम से दी जाएगी। इस कार्य के लिए नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के ऑनलाइन पोर्टल में पंजीकृत निजी पेशेवरों को समुचित सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएगी। इसके अतिरिक्त विभाग यह भी सुनिश्चित करेगा कि निजी पेशेवरों द्वारा प्रदान की गई अनुमतियों में कोई अनियमितताएं व विसंगतियां न हो। इसके लिए कम से कम 10 प्रतिशत अनुमतियों का सक्षम अधिकारियों द्वारा औचक निरीक्षण किया जाएगा।
शहरी विकास मंत्री ने बताया कि इस आदेश के लागू होने के उपरान्त नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग, स्थानीय निकायों, व साडा द्वारा ही बिजली व पानी के कनैक्शनों के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र, भू-उपयोग परिवर्तन व भू-विभाजन की अनुमति दी जाएगी।