Saturday, 18 July 2026
Breaking News
चंडीगढ़ में श्रद्धा और भक्ति के साथ निकली भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा,  रथ यात्रा पर निकले भगवान जगन्नाथ, उमड़ा जनसैलाब कुमारहट्टी का दुःखद हादसा और अवारा पशु एथनॉल मिश्रित ईंधन से कार हुई खराब, मारुति सुजुकी देगी नया कार: उपभोक्ता आयोग आकाशवाणी कार्यालय परिसर में पपीता, संतरा, मोरिंगा, आम, कपूर, बांस, जामुन का किया पौधारोपण 'संयुक्त पौधारोपण अभियान' का सफल आयोजन "हम उस देश के वासी हैं जिस देश में गंगा बहती है" ओआरसी सैनिक एकेडमी में नए शैक्षणिक सत्र का भव्य आगाज, गर्मजोशी से हुआ छात्रों का स्वागत बरनाला जेल में "रेडियो स्टेशन उजाला" शुरू, रेडक्रॉस की पहल से कैदियों की मेंटल हेल्थ में "उजाला" आएगा: डिप्टी कमिश्नर हरप्रीत सिंह 38 चिकित्सा अधिकारी प्रमोट होकर बने वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी "बड़े बे आबरू हो कर तेरे कूचे से हम निकले"
हिमाचल Trending

भवन बनाने के लिए पंजीकृत निजी पेशेवर दे सकेंगे अनुमति

Read in:Hindi

शिमला, फेस2न्यूज:
शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि प्रदेश में शहरी स्थानीय निकायों और हिमुडा के 500 वर्गमीटर तक के आवासीय प्लाटों में रिहायशी भवन बनाने की अनुमति अब पंजीकृत निजी पेशेवर भी दे सकेंगे। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश में आम लोगों को मकान बनाते समय नगर एवं ग्राम योजना विभाग (टी.सी.पी) के कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
सुरेश भारद्वाज ने कहा कि इससे पंजीकृत निजी पेशेवर, स्थल निरीक्षण व निरीक्षण रिपोर्ट करने के बाद केवल 30 दिनों के भीतर हिमाचल प्रदेश नगर एवं ग्राम योजना नियम 2014 के तहत विकास अनुमति की अनुज्ञा प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि निजी पेशेवर जिन्हें एक वर्ष से ज्यादा का अनुभव है केवल वही इस आदेश के तहत भवन बनाने की अनुमति प्रदान कर पाएंगे।
उन्होंने कहा कि इस आदेश के तहत सभी अनुमतियां पंजीकृत निजी पेशेवरों द्वारा ऑनलाइन माध्यम से दी जाएगी। इस कार्य के लिए नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के ऑनलाइन पोर्टल में पंजीकृत निजी पेशेवरों को समुचित सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएगी। इसके अतिरिक्त विभाग यह भी सुनिश्चित करेगा कि निजी पेशेवरों द्वारा प्रदान की गई अनुमतियों में कोई अनियमितताएं व विसंगतियां न हो। इसके लिए कम से कम 10 प्रतिशत अनुमतियों का सक्षम अधिकारियों द्वारा औचक निरीक्षण किया जाएगा।
शहरी विकास मंत्री ने बताया कि इस आदेश के लागू होने के उपरान्त नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग, स्थानीय निकायों, व साडा द्वारा ही बिजली व पानी के कनैक्शनों के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र, भू-उपयोग परिवर्तन व भू-विभाजन की अनुमति दी जाएगी।