जीरकपुर, कृत्रिका:
शहर में डेंगू व चिकनगुनिया की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है और सेहत विभाग व काऊंसिल लापरवाह नजर आ रहे हैं। शहर न तो सेहत विभाग द्वारा कोई जागरूकता की जा रही है और न ही काऊंसिल द्वारा सफाई व फॉगिंग की जा रही है। शहर में बहुत सारे जगह में पानी खड़ा है और वही अस्पताल स्टॉफ ने बताया कि अस्पताल के बाहर थाना ढकोली के केस प्रॉपर्टी वाहन खड़े हैं। वह भी डेंगू को बढ़ावा दे रहे है। हालांकि ढकोली अस्पताल में डेंगू मरीजों की संख्या अभी 38 ही पहुंची है। लेकिन शहर में सैंकड़ो मरीज डेंगू व चिकनगुनिया से पीड़ित है। जो अस्पताल में सुविधाओं की कमी होने के चलते प्राइवेट अस्पतालों में जा रहे हैं। गनीमत यह भी की शहर में डेंगू से अभी तक एक ही मौत हुई है। हैरानी की बात तो यह है कि शहर इतना बड़ा हो गया है और शहर एक सीएचसी के सहारे चल रहा है। यही कारण है की लोगों को प्राइवेट अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। अस्पताल से मिली जानकारी अनुसार अस्पताल के ही डॉक्टर सौरव सिंगला जो केवल तीन चार दिन के लिए अस्पताल में आए थे और उन्हें भी डेंगू हो गया। हैरानी की बात है कि सौरव सिंगला को 107 बुखार था जो कि बहुत ज्यादा था और उसे पहले सैक्टर 6 के सिवल अस्पताल में भेजा गया था और हालत गंभीर होने के चलते उन्हें मोहाली के मैक्स अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। जहां उन्हे वेंटीलेटर पर रखा गया है। अब यहां ढकोली अस्पताल पर यह भी सवाल खड़ा होता है कि अस्पताल यदि अपने स्टॉफ का इलाज नही कर सका तो बाहरी मरीजों को तो प्राइवेट अस्पतालों में जाना ही पड़ेगा।
सेहत विभाग द्वारा नही किया जा रहा लोगों को जागरूक:
डेंगू के सीजन शुरू होते ही, सेहत विभाग चौकन्ना हो जाता है। लेकिन स्थानीय सेहत विभाग गहरी नींद सोया हुआ है। हालांकि शरुआती दिनों में एक दो कैंप जरूर लगे थे और विभाग द्वारा डेंगू का लार्वा मिलने पर चालान भी किए थे। लेकिन पिछले एक हफ्ते से कोई कैंप या चालान नही किया गया है। जबकि पिछले एक हफ्ते से ही मरीजों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ी है।
नगर काऊंसिल द्वारा नही कि जा रही सही ढंग से फॉगिंग:
शहर में डेंगू तेजी से फैल रहा है और नगर काऊंसिल अधिकारी इस ओर ध्यान नही दें रहे है। हालांकि डेंगू के चलते हर साल रोस्टर बनाया जाता है और शहर के अलग अलग हिस्सों व सोसाइटीयों में फॉगिंग की जाती है। काऊंसिल सेनेटरी विभाग ने रोस्टर तो बना रखा है लेकिन फॉगिंग नही की जा रही है। जिस कारण शहर में डेंगू तेजी से फैल रहा है। वहीं ढकोली बाउली साहिब गुरद्वारे के नजदीक डिफेंस एनकलेव के सामने नाला है जहां काफी पानी खड़ा है और कूड़ा कबाड़ भी पड़ा है। जिस कारण बीमारी फैलने के खतरा है।
इस बार डेंगू व चिकनगुनिया की स्टेन बेहद खतरनाक:
ढकोली सीएचसी की एसएमओ पोमी चतरथ ने बताया कि इस बार जो डेंगू की स्टेन है वह बेहद खतरनाक है। क्योंकि उनके अस्पताल के एक स्टॉफ सौरव सिंगला को 107 बुखार था जो कि बहुत ज्यादा है। यह स्टेन क्या है पता नही, लेकिन शुरूआत बुखार से हो रही है और लक्षण भी डेंगू वाले हैं तो इसलिए डेंगू का ही ट्रीटमेंट किया जा रहा है। लेकिन इतना ज्यादा बुखार होना पहली बार केस सामने आया है।