लड्डा (संगरूर), फेस2न्यूज:
लोगों को बड़ी राहत देते हुये पंजाब के मुख्यमंत्री ने संगरूर-लुधियाना रोड़ पर दो टोल प्लाज़े बंद करने का ऐलान किया है क्योंकि इन दोनों की मियाद रविवार से आधी रात को ख़त्म होने जा रही है।
मुख्यमंत्री ने लोगों के इक्टठ को संबोधन करते हुये कहा, इन टोल प्लाज़ों के प्रबंधक 20 महीने का विस्तार या 50 करोड़ रुपए मुआवज़े के तौर पर देने की माँग कर रहे थे परन्तु मैंने इस माँग को ठुकरा दिया है और बड़े लोक हित में इन टोल प्लाज़ों को बंद करने के आदेश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह टोल प्लाज़ा 5 सितम्बर, 2015 को सात सालों के अरसे के लिए शुरू किये गये थे। उन्होंने कहा कि यह टोल तत्कालीन अकाली सरकार का ’तोहफ़ा’ है जिसका उम्मीदवार अप्रैल, 2015 में हुये उप-चुनाव में जीता था। मान ने ज़ोर देकर कहा कि चाहे पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने वायदा किया था कि यह टोल स्थापित नहीं किया जायेगा परन्तु उप चुनाव जीतने से तुरंत बाद उनके उम्मीदवार ने यू-टर्न ले लिया और उसी साल सितम्बर में टोल चालू कर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि सात सालों तक लोगों ने इन टोल प्लाज़ा से निकलने के लिए अपनी जेबों में से बड़ी रकम ख़र्च की है। मान ने खुलासा किया कि संसद मैंबर होने के नाते उन्होंने संसद में भी टोल दरों के बढऩे का मुद्दा उठाया था लेकिन कुछ न बना। उन्होंने कहा कि क्योंकि टोल प्लाज़ा की मियाद 4 सितम्बर की आधी रात तक ख़त्म हो गई, इसलिए सोमवार से यह टोल प्लाज़ा चालू नहीं होंगे।
इस कदम को लोगों के लिए बड़ी राहत बताते हुये मुख्यमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि लोग सोमवार से इन दोनों टोल प्लाज़ा पर बिना किसी टोल फीस के सडक़ पर गुजऱ सकते हैं। उन्होंने खुलासा किया कि इन टोल प्लाज़ा का प्रबंध चलाने वाली कंपनियों ने राज्य सरकार से अपील की थी कि वह 20 महीनों का समय बढ़ाए या कोविड और किसान आंदोलन के कारण हुए भारी नुक्सान के लिए 50 करोड़ रुपए का मुआवज़ा दें। मान ने साफ तौर पर कहा कि उन्होंने दोनों पटीशनों को ख़ारिज कर दिया था क्योंकि कोरोना एक विश्वव्यापी आपदा थी और किसान आंदोलन केंद्र सरकार के काले खेती कानूनों का निष्कर्ष था, जिसके लिए केंद्र सरकार ने बाद में माफी भी माँग ली थी।
उन्होंने लोगों को याद करवाया कि ऐसे टोल प्लाज़ा के कारण आम वस्तुओं के भाव बढ़ रहे हैं क्योंकि हर टोल पार करने के बाद इनके परिवहन खर्चे बढ़ जाते हैं। मान ने कहा कि टोल प्लाज़ा मालिक अपनी मनमर्जी से रेट बढ़ा देते हैं जिससे आम आदमी की जेब पर भारी बोझ पड़ता है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि टाटा ग्रुप राज्य में लुधियाना के नज़दीक 2600 करोड़ रुपए के निवेश के साथ एक बड़ा प्रोजैक्ट स्थापित करेगा। उन्होंने कहा कि जमशेदपुर के बाद टाटा स्टील का यह सबसे बड़ा निवेश है और आने वाले दिनों में राज्य में और प्रमुख औद्योगिक प्रोजैक्ट स्थापित किये जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब यह कंपनियाँ राज्य में निवेश के लिए आ रही हैं और पंजाब के साथ एम. ओ. यू. कर रही हैं। उन्होंने दुख के साथ कहा कि पहले ऐसे निवेशक निवेश करने से इस कारण भाग जाते थे क्योंकि उनको राज्य सरकार की बजाय सत्ताधारी परिवारों के साथ समझौता करने के लिए मजबूर किया जाता था। मान ने व्यंग्य करते हुये कहा कि उनसे पहले के सत्ताधारी यह पूछते थे कि ऐसे प्रोजेक्टों के साथ उनके परिवारों को क्या फ़ायदा होगा परन्तु अब वह कंपनियाँ से पूछते हैं कि इन प्रोजेक्टों से कितने नौजवानों को रोजग़ार मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की तरफ से लोगों के साथ किया एक-एक वायदा पूरा किया जायेगा और राज्य सरकार इस सम्बन्धी पहले ही सख्त यत्न कर रही है। मान ने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब पंजाब एक बार फिर हर क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनेगा।
पंजाब
Trending
संगरूर-लुधियाना रोड पर दो टोल प्लाज़े बंद करने का ऐलान
Read in:Hindi