Saturday, 02 May 2026
Breaking News
विश्व में युद्ध का वातावरण, भारत को भी सामरिक दृष्टि से घेरने का षड्यंत्र चल रहा  : सांसद सुभाष बराला गौड़िया मठ सेक्टर-20 में नरसिंह चतुर्दशी महोत्सव धूमधाम से मनाया गया रजनीश कालिया श्री शिव मन्दिर सभा, सैक्टर 23-डी के अध्यक्ष बने पंजाबी विकिमीडियंस यूजर ग्रुप ने उर्दू विकीसोर्स शुरू किया : रेख्ता फाउंडेशन और ब्रिटिश लाइब्रेरी के साथ साझेदारी की निराशा के समंदर में तलाशो आस के मोती दिलों में इक नई आशा जगाना भी ज़रूरी है राजपाल सिंह व सुश्री सरगुन अरोड़ा, चंडीगढ़ 8वें सुदामा कप 2026 के 55 प्लसमिक्स्ड डबल्स फाइनल में। डॉ. अजय सूरा हरियाणा राज्य सूचना आयुक्त नियुक्त समाजसेविका उर्मिला मोंगा ने प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय को भेंट किया अपना घर हैदराबाद, कोलकाता, पंजाब और हरियाणा की अंडर-16 क्रिकेट टीमें सेमीफाइनल में पहुँची 'भारत-विभाजन : एक हकीकत, एक अफसाना था, पुस्तक का विमोचन
पंजाब Trending

‘गोल्डन प्रोजेक्टस’ फर्म का भगोड़ा डायरैक्टर 20 वर्षों बाद किया गिरफ्तार

Read in:Hindi

चंडीगढ़, फेस2न्यूज:
पंजाब विजीलैंस ब्यूरो ने 2002 से भगौड़े चले आ रहे ‘गोल्डन प्रोजैक्ट प्राईवेट लिमटिड’ झरमड़ी, तहसील डेराबस्सी के फर्म के दोषी डायरैक्टरों में से एक विनोद महाजन को गिरफ़्तार कर लिया है।
जानकारी देते हुये राज्य विजीलैंस ब्यूरो प्रवक्ता ने बताया कि उक्त ग़ैर-बैंकिंग वित्तीय संस्था को 1996 में चार डायरैक्टरों द्वारा सरकार के पास एक फर्म के तौर पर रजिस्टर किया गया था, जिसमें पंचकुला से राकेश कांत सिआल, उनकी पत्नी बिमला सिआल, श्रीमती रुमिला सिन्हा निवासी पंचकुला और विनोद महाजन निवासी गाँव आरिफवाला, कपूरथला, जोकि अब पंचकुला में रह रहें, शामिल थे।
इस संबंधी और जानकारी देते हुये प्रवक्ता ने बताया कि उक्त डायरैक्टरों ने उक्त ज़मीन की मालकी देने के लिए निवेशकों को झाँसा देकर ज़िला रूपनगर की तहसील नूरपुर बेदी में 530 एकड़ कृषि योग्य ज़मीन ख़रीदी थी। इसके इलावा उपरोक्त मुलजिमों ने निवेशकों से वसूले गए पैसों के बदले उनको अच्छा पैसा देने का भरोसा भी दिया था।
उन्होंने आगे कहा कि दोषी डायरैक्टरों ने उक्त ज़मीन का ना तो विकास किया और ना ही निवेशकों को मालकी के अधिकार दिए। इसके इलावा, निवेशकों को उनके साथ हुए समझौतों में यकीनी तौर पर पोस्ट डेटिड चैक नहीं दिए गए।
प्रवक्ता ने आगे बताया कि इस सम्बन्ध में उक्त कंपनी के चारों डायरैक्टरों के खि़लाफ़ आई. पी. सी की धारा 406, 420, 467, 468, 471, 120-बी और भ्रष्टाचार रोकथाम एक्ट की धारा 7 (2), 13( 1), 13(2) के अंतर्गत विजीलैंस ब्यूरों के थाना पटियाला में केस दर्ज किया हुआ है।
उन्होंने बताया कि उक्त दोषी विनोद महाजन को माननीय अदालत की तरफ से साल 2002 में भगौड़ा करार दिया गया था और तभी से वह गिरफ़्तारी से बच रहा था। मुलजिम को अदालत में पेश किया जायेगा और इस मामले की आगे जांच जारी है।