Saturday, 25 July 2026
Breaking News
क्या अब धर्मपुर में भी किसी की जान जाने का इंतज़ार है? टी.एस.एम. स्पोर्ट्स चंडीगढ़ विजयी और रनर-अप करनाल नरवाल क्रिकेट अकादमी सफाई सेवकों पर हुए लाठीचार्ज से महिला आयोग ने मांगी रिपोर्ट वरिष्ठ नागरिक ने गमाडा के हाउसिंग प्रोजेक्ट में अनियमितताओं पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से स्वतः संज्ञान लेने की मांग की एनडीपीएस मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से आरोपी को नियमित जमानत असम में भूमि आंदोलन पर कार्रवाई की गूंज दुनिया तक आगरा में गूंजेगा सामाजिक न्याय का स्वर, छत्रपति शाहूजी महाराज जयंती पर जुटेंगे देशभर के प्रबुद्धजन: राजबीर सिंह भारतीय 25 जुलाई को दिल्ली में शहीद ऊधम सिंह जी की आदमकद प्रतिमा के अनावरण समारोह में शामिल होने की तैयारियां जोरों पर बरनाला के पास बदमाशों द्वारा फायरिंग, 2 शूटर काबू विश्व कराओके दिवस पर दिव्य कराओके सिंगिंग ग्रुप ने सजाई सुरों की महफ़िल
पंजाब Trending

‘गोल्डन प्रोजेक्टस’ फर्म का भगोड़ा डायरैक्टर 20 वर्षों बाद किया गिरफ्तार

Read in:Hindi

चंडीगढ़, फेस2न्यूज:
पंजाब विजीलैंस ब्यूरो ने 2002 से भगौड़े चले आ रहे ‘गोल्डन प्रोजैक्ट प्राईवेट लिमटिड’ झरमड़ी, तहसील डेराबस्सी के फर्म के दोषी डायरैक्टरों में से एक विनोद महाजन को गिरफ़्तार कर लिया है।
जानकारी देते हुये राज्य विजीलैंस ब्यूरो प्रवक्ता ने बताया कि उक्त ग़ैर-बैंकिंग वित्तीय संस्था को 1996 में चार डायरैक्टरों द्वारा सरकार के पास एक फर्म के तौर पर रजिस्टर किया गया था, जिसमें पंचकुला से राकेश कांत सिआल, उनकी पत्नी बिमला सिआल, श्रीमती रुमिला सिन्हा निवासी पंचकुला और विनोद महाजन निवासी गाँव आरिफवाला, कपूरथला, जोकि अब पंचकुला में रह रहें, शामिल थे।
इस संबंधी और जानकारी देते हुये प्रवक्ता ने बताया कि उक्त डायरैक्टरों ने उक्त ज़मीन की मालकी देने के लिए निवेशकों को झाँसा देकर ज़िला रूपनगर की तहसील नूरपुर बेदी में 530 एकड़ कृषि योग्य ज़मीन ख़रीदी थी। इसके इलावा उपरोक्त मुलजिमों ने निवेशकों से वसूले गए पैसों के बदले उनको अच्छा पैसा देने का भरोसा भी दिया था।
उन्होंने आगे कहा कि दोषी डायरैक्टरों ने उक्त ज़मीन का ना तो विकास किया और ना ही निवेशकों को मालकी के अधिकार दिए। इसके इलावा, निवेशकों को उनके साथ हुए समझौतों में यकीनी तौर पर पोस्ट डेटिड चैक नहीं दिए गए।
प्रवक्ता ने आगे बताया कि इस सम्बन्ध में उक्त कंपनी के चारों डायरैक्टरों के खि़लाफ़ आई. पी. सी की धारा 406, 420, 467, 468, 471, 120-बी और भ्रष्टाचार रोकथाम एक्ट की धारा 7 (2), 13( 1), 13(2) के अंतर्गत विजीलैंस ब्यूरों के थाना पटियाला में केस दर्ज किया हुआ है।
उन्होंने बताया कि उक्त दोषी विनोद महाजन को माननीय अदालत की तरफ से साल 2002 में भगौड़ा करार दिया गया था और तभी से वह गिरफ़्तारी से बच रहा था। मुलजिम को अदालत में पेश किया जायेगा और इस मामले की आगे जांच जारी है।