Wednesday, 21 October 2026
Breaking News
भारत-पाक सीमा पर रिट्रीट सेरेमनी का समय बदला, अब रोजाना शाम 5 बजे दशहरा के पावन पर्व पर दिल्ली के स्वामिनारायण अक्षरधाम में संपन्न हुआ भव्य ‘विश्व शांति महायज्ञ’ नवरात्रि का असली सार: हर महिला के भीतर बसी शक्ति हिमालय भी देखो पिघलने लगा है........ संजौली— रामपुर के बीच 21 अक्तूबर से शुरू होगी हेलीकॉप्टर सेवा चंडीगढ़ में श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस पर कृष्ण बाल लीलाओं ने मोहा मन, इंद्रेश महाराज ने की अगले वर्ष नौ दिवसीय राम कथा की घोषणा भाजपा चंडीगढ़ के इंटेलेक्चुअल सेल ने लगाया फैदां में स्वास्थ्य शिविर आईएएस अधिकारी राकेश कुमार प्रजापति ने मुख्यमंत्री को भेंट किया अपना पहला उपन्यास ‘लाइटर दैन येस्टर्डे’  एनबीएफ ने दिव्यांजनो के साथ मिशन अपर्णा शक्ति के तहत मनाया नवरात्रि का पर्व “राम भक्तों की पुकार, चंदा चोरों को सज़ा इस बार”: अमन अरोड़ा ने श्री राम मंदिर चंदा चोरी मामले में प्रधानमंत्री मोदी से कड़ी सज़ा की मांग की
राष्ट्रीय Trending

‘पक्षी पहचान और मूलभूत पक्षी विज्ञान’ पाठ्यक्रम का चौथा बैच पूरा

Read in:Hindi

नई दिल्ली, फेस2न्यूज:
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (एमआईईएफएंडसीसी) ने प्रधानमंत्री के स्किल इंडिया मिशन की तर्ज पर भारत के युवाओं को ग्रीन स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम (जीएसडीपी) के तहत लाभकारी रोजगार प्राप्त करने में सक्षम बनाने के लिए पर्यावरण एवं वन क्षेत्र में कौशल विकास के लिए पहल को आगे बढ़ाया है। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (एनडीसी), सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी), राष्ट्रीय जैवविविधता लक्ष्यों (एनबीटी) तथा अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली (2016) की प्राप्ति के लिए तकनीकी ज्ञान और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता रखने वाले हरित कुशल श्रमिक विकसित करने का प्रयत्न करता है।

चालू वित्त वर्ष अर्थात् 2022-23 में डब्ल्यूडब्ल्यूएफ ईएनवीआईएस आरपी ने ‘पक्षी पहचान और मूलभूत पक्षी विज्ञान’ में जीएसडीपी प्रमाणपत्र पाठ्यक्रमों के चार बैचों का आयोजन किया है। इन पाठ्यक्रमों ने देश भर के छात्रों को पक्षी विज्ञान के विभिन्न पहलुओं के बारे में जानकारी हासिल करने का अवसर प्रदान किया। पाठ्यक्रमों में भाग लेने वाले 30 प्रतिशत छात्रों की पहले ही संगत सेक्टरों में नियुक्ति की जा चुकी है। यह पाठ्यक्रम नि:शुल्क है तथा पूरी तरह से पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा वित्त पोषित है।

0 Comments