Friday, 25 September 2026
Breaking News
दशलक्षण पर्व में श्रद्धालुओं ने सांसारिक परिग्रह, मोह एवं आसक्ति से दूर रहते हुए आत्मा की ओर उन्मुख होने का संकल्प लिया लोगों की सेवा करना ही मुख्य मानवता का धर्म होना चाहिए : प्रदीप बत्रा बांग्लादेश के चट्टोग्राम हिल ट्रैक्ट्स में शांति समझौते के बावजूद बढ़ती चुनौतियां किसी नेता की इंतज़ार में कल्पा का 'सुसाइड प्वाइंट' एक मकबूल गीत जो मेरी समझ से बाहर है भारतीय पद्म विभूषण सम्मान 2026-27 से सम्मानित हुए डॉ. अतुल मलिकराम  "वंदे मातरम्" के 150 वर्ष, विद्या भारती के विद्यालयों में राष्ट्रभक्ति के स्वरों से गूँज रहा विद्यालय परिसर  पावन दशलक्षण पर्व के अंतर्गत उत्तम त्याग लक्षण की श्रद्धापूर्वक आराधना की गई 7वां रमा अत्रे विमेंस क्रिकेट टूर्नामेंट 29 सितंबर से चंडीगढ़ में उत्तम तप लक्षण पर श्रद्धा और संयम की आराधना
पंजाब Trending

12 नवंबर की लोक अदालत का लाभ उठाएं लोग: सिक्का

Read in:Hindi

अबोहर, (दलीप)
माननीय जतिंदर कौर जिला और सत्र न्यायाधीश अध्यक्ष जिला कानूनी सेवा अथारिटी, फाजिल्का एवं अमनदीप सिंह सचिव सीजेएम के दिशा-निर्देशों के साथ अनीश गोयल एस.डी.जे.एम अध्यक्ष उपमंडल कानूनी सर्विस अथारिटी, अबोहर के नेतृत्व में जिला कानूनी सर्विस अथारिटी ने राष्ट्रीय लोक अदालतों का आयोजन किया जा रहा है। राष्ट्रीय लोक अदालतों का अधिक से अधिक लाभ लोगों तक पहुंचाने के लिए नेहरू पार्क में कानूनी जागरूकता सैमिनार का आयोजन किया गया, जिसमें लोक अदालत सदस्य एवं सेवानिवृत्त एस.डी.एम बीएल सिक्का, कानूनी सर्विस अथारिटी के पैनल एडवोकेट देसराज कम्बोज, पैरालीगल वालंटियर नरेश कंबोज, योग गुरु करण देव, अल्हा डांस एरोबिंक्स जुमा सोसाइटी के डायरेक्टर वेद प्रकाश अल्लाह, मास्टर सुरेंद्र बिला पट्टी ने विशेष रूप से भाग लिया और सैमिनार की अध्यक्षता थाना सिटी 1 के एएसआई बहादुर सिंह ने की।
इस मौके पर बीएल सिक्का ने बताया कि अबोहर अनुमंडल के न्यायिक परिसर में शनिवार 12 नवंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है. इस लोक अदालत में लंबित मामलों और नए मामलों का आपसी सहमति से समाधान किया जाएगा। इस लोक अदालत के लिए जिला कानूनी सेवा अथारिटी के न्यायाधीश या सचिव के पास आवेदन कर लोक अदालत में अपना मामला दर्ज करा सकते हैं। श्री सिक्का ने कहा कि लोक अदालत में गंभीर आपराधिक मामलों को छोड़कर छोटे-मोटे विवाद, घरेलू मामले, बैंक वसूली मामले, 138 चेक बाउंस मामले, 125 सीआरपीसी खर्च किए गए मामले, यातायात चालान, बीमा और दुर्घटना के दावे, भूमि शिक्षा के दावे और अन्य मामले आपसी हैं. सहमति से तय किया जाएगा। लोक अदालत का फैसला अंतिम होता है, जिसके खिलाफ दोबारा अपील नहीं की जा सकती और कोर्ट फीस भी वापस कर दी जाती है। लीगल सर्विस अथॉरिटी के पैनल के अधिवक्ता देसराज कम्बोज ने प्रस्तुत किया कि लोक अदालत के निर्णय को एक दीवानी अदालत के रूप में मान्यता प्राप्त है और निर्णय के खिलाफ कोई अपील नहीं की जा सकती है। इसके निर्णय अंतिम होते हैं। लोक अदालत में फैसला आने के बाद मामले में कोर्ट की सारी फीस भी लौटा दी जाती है। पी.एल.वी. नरेश कंबोज ने आम लोगों से अपील की कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत में अपने मामलों का निर्णय कराकर अधिक से अधिक लाभ प्राप्त करें। इस संबंध में जानकारी जिला न्यायिक न्यायालय फाजिल्का फ्रंट ऑफिस के 261500 या टोल फ्री नंबर 1968 पर डायल कर प्राप्त की जा सकती है। ए एस आई बहादुर सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालतों में आपराधिक मामलों के मामले भी निपटाए जाते हैं. उन्होंने लोगो से राष्ट्रीय लोक अदालत के संदेश को जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने की अपील की।