पिंकी सैनी/ डेराबस्सी
नगर परिषद अध्यक्ष रंजीत रेड्डी और कांग्रेस नेता भूपिंदर शर्मा को रविवार डेराबस्सी की अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने दोनों को न्यायिक हिरासत में 14 दिन के लिए जेल भेज दिया।
इस दौरान वहां जमा हुए दलित समुदाय ने रंजीत रेड्डी और दीपिंदर सिंह ढिल्लों के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए. दलित समुदाय ने रंजीत सिंह रेड्डी का पुतला भी फूंका। दूसरी तरफ कांग्रेस वर्करों ने पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
अहंकारी हो गए थे रेड्डी
लोगों ने कहा कि रेड्डी कलियुग के रावण हैं, जब से दीपिंदर ढिल्लों ने रेड्डी को नगर परिषद का अध्यक्ष बनाया, रेड्डी रावण की तरह अहंकारी हो गए, जिसके चलते वह यह समझते हैं कि यह लोग तो उनकी कठपुतली की तरह हैं।(SUBHEAD)
उन्होंने दलित समुदाय के प्रति जिस तरह की असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया, उसके लिए उन्हें माफ नहीं किया जा सकता।
राजा वडिंग की निंदा
दलित समुदाय ने कहा कि जब पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वडिंग़ ने थाने में कहा कि हम धरना देंगे और हाईवे जाम कर देंगे. इस टिप्पणी पर दलित समुदाय ने कहा कि राजा राजा वडिंग़ अपने प्रियजनों को बचाने के लिए यह सब कर रहे हैं और बंद कमरे में एक गरीब की पिटाई में सहयोग नहीं कर रहे हैं।
क्या है मामला
सफाई कर्मचारी सोहन लाल के साथ मारपीट करने व उसे जातिसूचक शब्द बोलने के आरोप में डेराबस्सी पुलिस ने नगर परिषद के प्रधान रणजीत सिंह रेडी व पार्षद आशा शर्मा के पति भूपिंदर सिंह को शनिवार गिरफ्तार किया था। इस मामले में हालांकि पुलिस ने पार्षद के बेटे वरुण शर्मा व चार अज्ञात व्यक्तियों को भी नामजद किया है, जो अभी फरार बताए जाते हैं। इनके के खिलाफ सफाई कर्मी सोहन लाल की शिकायत पर आइपीसी की धारा 323, 341, 506 व एससी/एसटी एक्ट की धारा (3) के तहत मामला दर्ज किया गया था।