Thursday, 24 September 2026
Breaking News
7वां रमा अत्रे विमेंस क्रिकेट टूर्नामेंट 29 सितंबर से चंडीगढ़ में उत्तम तप लक्षण पर श्रद्धा और संयम की आराधना सुनहरे गीत-सुनहरी यादें’ से सजी संगीत की यादगार शाम एसुस ने भारत में अपना पहला पेगासस हाइब्रिड स्टोर लॉन्च करके चंडीगढ़ में अपनी रिटेल उपस्थिति को मज़बूत किया “501 गणेश बीड़ी” मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया पंजाबी गायक गुलाब सिंह सिद्धू के घर पर गोलीबारी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ बांग्लादेश में 7 हसीना सहयोगियों को मौत की सज़ा, भारत में शरण पर अटकलें उत्तम संयम धर्म की आराधना के साथ श्रद्धालुओं ने मनाई सुगंध दशमी संस्कृत भाषा में राष्ट्रीय अवार्ड प्राप्त, विद्वान पंडित साधू राम शास्त्री की पुण्यतिथि पर बुजुर्ग शिष्यों ने अपने प्राचार्य को किया नमन अब 1.80 लाख आय वाले परिवारों को भी मिलेगा लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ: मुख्यमंत्री
पंजाब Trending

महिलाओं का अपमान- डीजीपी पंजाब और मुख्यमंत्री पंजाब को उत्तर देना ही होगा: चावला

Read in:Hindi

(MOREPIC1)  अमृतसर, फेस2न्यूज:
एक तथाकथित ज्ञानी जसवंत सिंह ने 13 अक्टूबर को करवाचौथ के दिन देश की उन करोड़ों महिलाओं को अपमानित किया। उनका मजाक उड़ाया जो करवाचौथ का व्रत रखती हैं, पर अब शिकायत इस जसवंत सिंह से नहीं, पंजाब सरकार और पंजाब की पुलिस से है। पंजाब की पूर्व केबिनेट मंत्री रही श्रीमती लक्ष्मीकांता चावला ने पंजाब पुलिस को, कमिश्नर अमृतसर को बार बार लिखा, उन्होंने कोई कार्यवाही नहीं की और सार्वजनिक रूप से यह भी घोषणा नहीं की कि ज्ञानी की जो करवाचौथ पर वीडियो है वह गलत नहीं, ठीक है। इससे ऐसा लगता है कि सरकार की शह पर ही ये लोग हमारे व्रत त्यौहारों का अपमान करते हैं अन्यथा किसी की इतनी हिम्मत नहीं हो सकती कि वे खुले रूप से हिंदू आस्थाओं का अपमान करें। श्री गुरु ग्रंथ साहिब में कहीं नहीं लिखा कि करवाचौथ का व्रत पति का एक साल का बीमा है या औरतें कितना खाती हैं। यह अपमानजनक शब्द जसवंत सिंह ने कहे, लेकिन घावों पर नमक छिड़कते हुए अमृतसर की एक गांव के लड़कों को पीटा भी, जेल भी भेज दिया, क्योंकि सरकारी किताब में उन्होंने इस स्वयंभू ज्ञानी का अपमान किया है। बहुत अच्छा हो पंजाब के मुख्यमंत्री और डीजीपी यह घोषणा कर दें कि वे अपनी जनता की भावनाओं का, धार्मिक आस्थाओं की न रक्षा कर सकते हैं, न सम्मान। उसके बाद जनता स्वयं सोचेगी कि उन्हें पंजाब में कैसे अपनी आस्थाओं की रक्षा करनी है।