Thursday, 07 May 2026
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हिमाचल की वादियों में बना वैद्यरत्नम वृंदावन औषधालय रोगियों लिए राम बाण साबित हो रहा

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आर के शर्मा/चंडीगढ़ 

हिमाचल प्रदेश वादियों के बीच करीब 72 साल पुराना और 25 एकड़ जमीन में एक ऐसा आयुर्वेदिक औषद्यालय है , जिसे के नाम से जाना जाता है। चंडीगढ़ से करीब 50 मिन्ट की दूरी पर स्थित बद्दी स्थित शिवालिक फुट हिल्स, गांव थाना में बना यह औषद्यालय पंजाब और हरियाणा के जंक्शन पर पड़ता है और उन रोगियों के लिए राम बाण साबित हो रहा है, जो किसी न किसी रोग से पीडि़त हैं और खुद को असहाय महसूस करते हैं।

नैचरोपेथी को बढ़ावा

यहां अपना ईलाज करवानें वालों को अपॉइंटमेंट लेनी पड़ती है। यहां दो दशक का तजुर्बा रखने वाले चिकित्सक उपचार पाकृतिक पद्यति से करते हैं। केरल के प्रसिद्ध चिकित्सक यहां केरल पद्यति से थरैपी करके रोगियों को राहत प्रदान करते हैं। ओपीडी सुबह 9 से शाम 6 बजे तक खुलती है।  बद्दी स्थित औषधालय के संस्थापक संचालक राजेन्द्र पाल गर्ग के नेतृत्व में उनके बेटे उन्हीं की प्रेरणा से औषाधालय को आगे बढ़ा रहे हैं। 

रोगियों की बढ़ती  संख्या पर बनाया 150 बिस्तरों का अस्पताल

उत्तर भारत और विदेशो से आने वाले रोगियों की बढ़ती संख्या के चलते वैद्यरत्नम,केरल ने वृंदावन चिकित्सालयम में 150 बिस्तरों वाला आयुर्वेद अस्पताल शुरू किया है।

(MOREPIC1)(SUBHEAD)वैद्यरत्नम देश के सबसे पुराने आयुर्वेद संस्थानों में से एक है, जिसके क्षेत्र में सदियों से शोध और ज्ञान के मुताबिक उपचार किया जाता है। वैद्यरत्नम, केरल से कौशल और अनुभव के साथ विशेषज्ञ चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की एक टीम उपलब्ध है।

जीवनशैली में सुधार को अपनाया लक्ष्य

यहां विशिष्ट लक्षणों का ईलाज करना नहीं है, बल्कि आहार, मानसिक स्वास्थ्य और दैनिक दिनचर्या जैसे मापदंडों को शामिल करने के लिए एक एकीकृत दृष्टिकोण को प्रोत्साहित कर जीवनशैली में सुधार करना है।

किस रोग से मुक्ति दिलाने में सार्थक

सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस, अस्थि गठिया, रीढ़ के जोड़ों में गतिविधि-रोधक सूजन, गठिया, रूमेटाइड गठिया, पार्किंसनिज़्म, भूलने की बीमारी, माइग्रेन, पीसीओडी, साइनसाइटिस, तोंसिल्लितिस, ब्रोंकाइटिस, मोटापा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, अनिद्रा, सोरायसिस, एक्जिमा, खालित्य, डिप्रेशन,दोध्रुवी विकार, चिंता, बांझपन और क्रोहन रोग

प्रतिक्रिया

एक दिन के शिविर में भाग लेने वाली अमर उजाला माई सिटी की फस्ट रनर अपन रहीं श्रीमती चांदनी शर्मा ने बताया कि केरल पद्यति की थेरेपी तो कमाल की थी। योग और सोना बाथ औषद्यालय के बेहतरीन फीचर हैं। यहां आने पर बहुत सुकून और मानसिक शांति मिली।