Thursday, 04 June 2026
Breaking News
पासपोर्ट कार्यालय के कर्मचारियों ने सेवा केंद्र में लगाईं मीठे पानी की छबील पत्रकार नव ठाकुरीया को देवर्षि नारद जयंती सम्मान मुर्दा बोले कफ़न फाड़े अहिंसा शिक्षा रत्न अवॉर्ड 2026 में ट्राइसिटी के लगभग 130 मेधावी विद्यार्थियों का हुआ सम्मान बशीर बद्र की ग़ज़लों की हिंदी में पहली किताब अबोहर में हुई थी प्रकाशित स्वर सप्तक कल्चरल सोसाइटी ने आयोजित की रवींद्र-नज़रूल संध्या कुरुक्षेत्र क्रिकेट अकादमी, हरियाणा ने पहली 'श्री माता मनसा देवी ट्रॉफी' अंडर-14 संयुक्त (लड़के/लड़कियां) क्रिकेट टूर्नामेंट का खिताब जीता अलविदा बशीर बद्र उत्तराखंड और पूर्वाेत्तर राज्यों में बादल फटने की घटनाएं बढ़ने की संभावनाः मुख्यमंत्री श्री अमृतेश्वर महादेव मंदिर स्थापना दिवस की धूम : गायक बी प्राक की भजन संध्या में उमड़ा जनसैलाब
हिमाचल Trending

भवन बनाने के लिए पंजीकृत निजी पेशेवर दे सकेंगे अनुमति

Read in:Hindi

शिमला, फेस2न्यूज:
शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि प्रदेश में शहरी स्थानीय निकायों और हिमुडा के 500 वर्गमीटर तक के आवासीय प्लाटों में रिहायशी भवन बनाने की अनुमति अब पंजीकृत निजी पेशेवर भी दे सकेंगे। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश में आम लोगों को मकान बनाते समय नगर एवं ग्राम योजना विभाग (टी.सी.पी) के कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
सुरेश भारद्वाज ने कहा कि इससे पंजीकृत निजी पेशेवर, स्थल निरीक्षण व निरीक्षण रिपोर्ट करने के बाद केवल 30 दिनों के भीतर हिमाचल प्रदेश नगर एवं ग्राम योजना नियम 2014 के तहत विकास अनुमति की अनुज्ञा प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि निजी पेशेवर जिन्हें एक वर्ष से ज्यादा का अनुभव है केवल वही इस आदेश के तहत भवन बनाने की अनुमति प्रदान कर पाएंगे।
उन्होंने कहा कि इस आदेश के तहत सभी अनुमतियां पंजीकृत निजी पेशेवरों द्वारा ऑनलाइन माध्यम से दी जाएगी। इस कार्य के लिए नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के ऑनलाइन पोर्टल में पंजीकृत निजी पेशेवरों को समुचित सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएगी। इसके अतिरिक्त विभाग यह भी सुनिश्चित करेगा कि निजी पेशेवरों द्वारा प्रदान की गई अनुमतियों में कोई अनियमितताएं व विसंगतियां न हो। इसके लिए कम से कम 10 प्रतिशत अनुमतियों का सक्षम अधिकारियों द्वारा औचक निरीक्षण किया जाएगा।
शहरी विकास मंत्री ने बताया कि इस आदेश के लागू होने के उपरान्त नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग, स्थानीय निकायों, व साडा द्वारा ही बिजली व पानी के कनैक्शनों के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र, भू-उपयोग परिवर्तन व भू-विभाजन की अनुमति दी जाएगी।