Wednesday, 09 September 2026
Breaking News
एंटी-स्ट्रेस सेमिनार ने जीसीसीबीए 50 के छात्रों को सिखाए तनाव दूर करने के आसान तरीके मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से की भेंट, अतिरिक्त वित्तीय सहायता का आग्रह मां मनसा देवी निष्काम सेवक संघ ने लगाया 12वां ब्लड डोनेशन कैम्प मनोज धीमान की हिंदी की दो और फिक्शन पुस्तकें प्रकाशित m‘राज़ की बात’ और ‘महामानव’ के प्रकाशन के साथ हिंदी में प्रकाशित पुस्तकों की संख्या दस हुई पौड़ी गढ़वाल एकता मंच के महिला प्रकोष्ठ ने किया रामायण पाठ का आयोजन शिक्षा में उत्कृष्ट नेतृत्व के लिए इंदु बब्बर राज्य पुरस्कार से सम्मानित आचार्य देवों भवा 2026 में चंडीगढ़ से पहुंचे डॉ. अमनदीप सिंह को ज्योतिष एवं अंकशास्त्र के क्षेत्र में विशेष सम्मान 1965 के भारत-पाक युद्ध की दास्तां, जब फाजिल्का क्षेत्र खाली हो गया था संत विनोबा भावे सम्मान-2026 समारोह में साहित्य, पत्रकारिता एवं समाजसेवा की विभूतियाँ सम्मानित उत्तराखंड भ्रातृ संगठन का भव्य लाइट एंड साउंड शो और श्रीकृष्ण बाल लीलाओं का सफल मंचन
हिमाचल Trending

भवन बनाने के लिए पंजीकृत निजी पेशेवर दे सकेंगे अनुमति

Read in:Hindi

शिमला, फेस2न्यूज:
शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि प्रदेश में शहरी स्थानीय निकायों और हिमुडा के 500 वर्गमीटर तक के आवासीय प्लाटों में रिहायशी भवन बनाने की अनुमति अब पंजीकृत निजी पेशेवर भी दे सकेंगे। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश में आम लोगों को मकान बनाते समय नगर एवं ग्राम योजना विभाग (टी.सी.पी) के कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
सुरेश भारद्वाज ने कहा कि इससे पंजीकृत निजी पेशेवर, स्थल निरीक्षण व निरीक्षण रिपोर्ट करने के बाद केवल 30 दिनों के भीतर हिमाचल प्रदेश नगर एवं ग्राम योजना नियम 2014 के तहत विकास अनुमति की अनुज्ञा प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि निजी पेशेवर जिन्हें एक वर्ष से ज्यादा का अनुभव है केवल वही इस आदेश के तहत भवन बनाने की अनुमति प्रदान कर पाएंगे।
उन्होंने कहा कि इस आदेश के तहत सभी अनुमतियां पंजीकृत निजी पेशेवरों द्वारा ऑनलाइन माध्यम से दी जाएगी। इस कार्य के लिए नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के ऑनलाइन पोर्टल में पंजीकृत निजी पेशेवरों को समुचित सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएगी। इसके अतिरिक्त विभाग यह भी सुनिश्चित करेगा कि निजी पेशेवरों द्वारा प्रदान की गई अनुमतियों में कोई अनियमितताएं व विसंगतियां न हो। इसके लिए कम से कम 10 प्रतिशत अनुमतियों का सक्षम अधिकारियों द्वारा औचक निरीक्षण किया जाएगा।
शहरी विकास मंत्री ने बताया कि इस आदेश के लागू होने के उपरान्त नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग, स्थानीय निकायों, व साडा द्वारा ही बिजली व पानी के कनैक्शनों के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र, भू-उपयोग परिवर्तन व भू-विभाजन की अनुमति दी जाएगी।