जीरकपुर, कृतिका:
शहर में यूनिपोल होर्डिंग लगाने के नाम पर करोड़ों रूपये का खेल खेला जा रहा है और जिसका सीधे तौर पर नगर काऊंसिल को राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। चंडीगढ़ सेक्टर-37 की डी-कोड विज्ञापन कंपनी को फ्लैक्स बोर्ड लगाने का ठेका नगर काऊंसिल की ओर से दिया गया है। प्रेस वार्ता के दौरान वीआइपी रोड निवासी सचिन बत्रा ने आरोप लगाया है कि डी-कोड विज्ञापन ने परमिशन के अधिक यूनिपोल व क्युसिक पोल लगा रखे हैं। जिस सबंधी वह दो बार नगर काऊंसिल अधिकारियों को बकायदा लिखित शिकायत दे चुके है, लेकिन नगर काऊंसिल अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई नही की गई। बत्रा ने बताया की शहर में डी कोड विज्ञापन कंपनी ने परमीशन से ज्यादा यूनिपोल व क्युसिक पोल लगा रखे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि काऊंसिल के अधिकारी कि अनदेखी के चलते विज्ञापन कंपनी द्वारा नियमों कि धज्जियां उड़ाई जा रही है। नगर काऊंसिल ने विज्ञापन कंपनी को साल का 4 करोड़ 26 लाख का टेंडर दिया हैं जिसके चलते विज्ञापन कंपनी को 54 फेस यूनिपोल व 400 डबल फेस क्युसिक पोल की परमीशन दी गई है। लेकिन विज्ञापन कंपनी ने एक हजार से भी अधिक क्युसिक पोल लगाए हुए जो दो हजार फेस बन जाते हैं। वहीं बत्रा ने आरोप लगाया नगर काऊंसिल के जिम्मेदार ही विज्ञापन एजेंसियों को संरक्षण देकर निगम को हर महीने लाखों रूपये का नुकसान पहुंचा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर मुख्य मार्ग व शहर की अंदरूनी सड़कों पर पर लगे यूनिपोल पर मल्टीनेशनल कंपनियों के होर्डिंग, बैनर लगाकर एजेंसियों से मोटी रकम वसूली जा रही है और दूसरी तरफ नगर काऊंसिल के राजस्व पर नुकसान पहुंचाया जा रहा है। वहीं उन्होंने आरोप लगाया कि इस में कई बड़े अधिकारी व बिलडर भी उनका साथ दे रहे हैं।
कहां की जा रही है नियमों की अनदेखी:
बत्रा ने बताया कि नगर काउंसिल दफ्तर के बाहर एक यूनिपोल पर एक फेस की परमिशन है, लेकिन विज्ञापन कंपनी ने यहां दो फेस लगा रखे हैं। यह बात ये सिद्ध करती है कि काऊंसिल अधिकारी किस तरह उनका साथ दे रही हैं, उनकी आंख के सामने लगा बोर्ड भी उन्हें दिखाई नही दे रहा है। इसी तरह पारस डाउनटाउन के बाहर एनएचआई ने परमीश नहीं दी फिर भी होर्डिंग्स लगाए गए हैं। वीआइपी रोड पर 40 क्युसिक पोल की परमीशन है वहां 100 से अधिक क्युसिक पोल लगाए गए हैं। पीआर-7 रोड पर 8 यूनिपोल (16 फेस) है, वहां भी डी कोड कंपनी को परमीशन नहीं मिली बाजवूद इसके यहां पर भी विज्ञापन लगे हुए हैं। हैरानी की बात है कि यूनिपोल का साइज 10 बाइ 20 तय किया था लेकिन कंपनी ने इसका साइज बढ़ाकर 15 बाइ 30 के बोर्ड लगाए हुए हैं।
किसी व्यक्ति ने कांन्फ्रेंस की है हमे पता चला है। बाकी हम ने चैक करने के लिए इंस्पेक्टर की डियूटी लगा दी है। जो सोमवार को चैक करने के बाद ही बताया जाएगा कि फ्लेक्स ज्यादा लगे हैं या फिर कम लगे हैं। हमने एक ड्राइव भी चलाई है शहर में जितने ज्यादा लगे हैं उन्हें हटाया जा रहा है। यदि बोर्ड ज्यादा बड़ा लगाया है तो वह उनके टेंडर में ऐड हो जाएंगे। जिसके पैसे उनसे लिए जाएंगे। बाकी सारा मामला सोमवार को चैक करने के बाद ही बताया जाएगा।
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शहर में मंजूरी से ज्यादा लगाए पोल, काऊंसिल को दी शिकायत के बाद भी नही हो रही कार्रवाई
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