जीरकपुर, कृतिका:
छत गांव से शताबगढ़ जाने वाली सड़क पर दोपहर ढाई बजे एक स्कूली बस पलट गई और उसमें सवार तीन बच्चे घायल हो गए। गनीमत यह रही कि बाकी बच्चे बस से सुरक्षित निकाल लिए गए। हादसे के दौरान बस में सवार एक 9 वर्षीय हर्षदीप का हंसे (कंधे की हड्डी) टूट गई और 14 वर्षीय सिमरनजीत की बाएं टांग में चोट आई व उसके छोटे भाई मनवीर (7) की गर्दन पर अंदरूनी चोट लगी है। बता दें कि हादसा ढाई बजे हुआ, जब बाबा वरियाम सिंह मेमोरीयल पब्लिक स्कूल की बस छुटी के बाद बच्चों को घर छोड़ने जा रही थी। स्कूल बस शताबगढ़ गांव से करीब एक किलोमीटर पीछे थी तो पीछे सा आ थी बस ने ओवरटेक करते समय बस को साइड मार दी, जिस कारण बस खेत में पलट गई। बस में 9 से 10 स्कूली बच्चे सवार थे। मौके से मिली जानकारी अनुसार बस में कोई भी कंडक्टर या महिला हेल्पर नही थी। बस में फसे बच्चों को राहगीरों की मदद से बाहर निकाला गया और चोटिल हुए बच्चों इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। जबकि बाकी बच्चों को उनके परिजनों को बुलाकर घर भेज दिया। (SUBHEAD)
सूचना के बाद मौके पर पहुंच पुलिस ने हादसा ग्रस्त बस चालक कृपाल सिंह के बयान दर्ज कर जांच शुरू की तो इतनी देर ड्राइवर सिंह वहां पहुंच गए जिन्होंने बस को साइड मारी थी। उन्होंने पुलिस को बयान दर्ज करवाया कि सड़क संकरी थी जिस कारण हादसा ग्रस्त बस चालक बस को नही संभाल सके। उनका इसमें कोई कसूर नही है और न ही उनकी बस ने उनकी बस को साइड मारी है। गलती किसी को भी हो लेकिन लापरवाही के चलते बच्चों की जान को जोखिम में डालकर स्कूल बस चालकों द्वारा ड्राइवरी की जाती है। नियमों की उलंघना कर बस चालकों द्वारा धज्जियां उड़ाई जाती हैं, लेकिन प्रसाशनिक अधिकारी उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नही करते हैं। जिस कारण बार बार ऐसे हादसे होते हैं। वहीं जख्मी बच्चे हर्षदीप के पिता दविंदर सिंह ने आरोप लगाया कि स्कूल द्वारा मोटी फीस बसुली जाती है लेकिन सुविधाओं के नाम पर उनके बच्चों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया जाता है।
बस में नही था कोई कंडक्टर व महिला हैल्पर:
बस पलटने की घटना बुधवार ढाई बजे की है, जिस समय यह हादसा हुआ बस में ड्राइवर के साथ कोई भी कंडक्टर या महिला हैल्पर मौजूद नही था जब कि नियमों के अनुसार में बस एक महिला स्टॉफ का होना अनिवार्य है। मौके पर बस चालक के साथियों व स्कूल के चेयरमैन बाबा गुरुदेव सिंह सिंह द्वारा बहाना बनाया जा रहा था कि बस की महिला स्टॉफ बीमार होने के चलते बस में आज मौजूद नही थी। जबकि अभिवाकों का कहना है कि महीने में 15 दिन ड्राइवर अकेला ही होता है। उनके दूसरा कोई स्टॉफ नही होता।
हमारी स्कूल की बस थी किसी दूसरे स्कूल की बस ने साइड मार दी थी। बचाव हो गया है किसी बच्चे को ज्यादा चोट नही आई है। बाकी महिला स्टॉफ आज बीमार थी, जिस कारण बस में कोई नही था।
– चेयरमैन बाबा गुरदेव सिंह बाबा वरियाम सिंह मेमोरीयल पब्लिक स्कूल बनूर
पुलिस ने दोनों बस चालकों को थाने बुलाया है, पूरी जांच के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी बच्चे को ज्यादा चोट नही आई है। सभी बच्चों को बस से निकलाकार घर भेज दिया गया था।
– जीत चंद, जांच अधिकारी थाना जीरकपुर।