Friday, 08 May 2026
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शराब की डिस्ट्रीब्यूटरशिप की एवज में मध्य प्रदेश के निवेशकों से ठगे 70 लाख

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शिकायतकर्ताओं ने शराब बनाने वाली स्थानीय कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की

(MOREPIC1) फेस2न्यूज/चंडीगढ़

मध्य प्रदेश स्थित सांची के एक निवेशक राधा रमन अहिरवार और नई दिल्ली के रजनीश कुमार ने स्थानीय शराब बनाने वाली कंपनियों – काया इस्प्रीट्स और बच्चुस इंटरप्राईसिस पर धोखाधड़ी और उनसे लगभग 70 लाख रुपये ठगने का आरोप लगाया है।

शिकायतकर्ता ने इस संदर्भ में चंडीगढ़ स्थित पंजाब पुलिस के मुख्यालय में डीजीपी और सेंट्रल एक्साईज विभाग से शिकायत दर्ज कर आरोपियों पर कार्रवाई करने की मांग की है।

सेक्टर 27 स्थित चंडीगढ़ प्रेस कल्ब में मीडिया काक 40 वर्षीय राधा रमण ने बताया कि वे पुस्तैनी कृषक हैं और गत वर्ष कंपनी के सम्पर्क में आकर अपने व्यापार का विस्तार करते हुये भोपाल में काया इस्प्रीट्स की डिस्ट्रीब्यूटरशिप लेने का विचार बनाया। नई दिल्ली और पटियाला में कंपनियों के अधिकारियों और कंपनी के प्रबंध निदेशक करुण कौरा और उनकी सहकर्मी रूप हांडा से कई दौर की बैठकें हुई और परिणामस्वरुप उन्होंने कंपनी की डीलरशिप ले ली।(SUBHEAD)

इस दौरान रमण ने ऐग्रीमेंट के अंतर्गत कंपनी की बोतलों (स्टाॅक) की एवज में 25 लाख रुपये का भुगतान कंपनी के बैंक आफ इंडिया में एडवांस के तौर पर भुगतान कर दिया। इसके बाद कंपनी अधिकारी टैक्सेशन संबंधी दस्तावेज ईमेल के माध्यम से भेजते रहे जिससे कि की सभी औपचारिकताएं पूरी की जा सकें। इसके बाद औपचारिकता पूरी  कर  45 दिनों के बाद जब रमण ने कंपनी से स्टाॅक मांगा तो उन्हें बैठक के लिये एक बार फिर पटियाला बुलाया।

बैठक के दौरान रमण को पूरे राज्य की डीलरशिप देने का प्रलोभन दिया गया जिसके बाद रमण ने पूरे मध्य प्रदेश की डिस्टीब्यूशन लेने का मन बनाया और आरटीजीएस माध्यम से कुछ किस्तों के बाद दो सितंबर तक कुल 70 लाख रुपये तक का भुगतान किया।

इसके बाद भी रमण कंपनी के वायदे अनुसार स्टाॅक से वंचित रहे। रमण के अनेकों प्रयासों के बावजूद भी एग्रीमेंट के उल्लंघन करते हुये उन्हें मध्य प्रदेश स्थित अपनी डीलरशिप में स्टाॅक अभी तक प्राप्त नहीं हुआ जिससे उन्हें स्पष्ट हो गया कि कंपनी ने उनके साथ धोखाधड़ी की है।

रमण ने कंपनी की तह तक जानने के लिये कई प्रयास किये और उन्हे बाद में पता चला कि कंपनी न केवल उनके साथ धोखा किया है बल्कि राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, असम तक के राज्यों में निवेशकों के साथ इसी तर्ज पर धोखाधडी कर चुकी है और कंपनी प्रबंधकों पर धारा 420, 406,467, 468, 120 बी के तहत मामले दर्ज पाये गये हैं। यह सभी मामले वर्ष 2022 में ही दर्ज हुये हैं।

रमण ने सरकार और पुलिस से मांग की है कि कंपनी की कार्यप्रणाली की जांच की जाए जिससे बाहरी प्रदेश के निवेशकों को ठगने से बचाया जा सके। साथ ही उन्होंनें यह भी मांग की है उनका कंपनी में फंसा पैसा करवाया जाए और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाए.

मीडिया को यह भी जानकारी दी गई कि दो माह पहले पंजाब के सीम भगवंत मान और डीजीपी को इस बारे में लिखा गया था, परंतु कोई कार्रवाई नहीं की गई;