Wednesday, 24 June 2026
Breaking News
स्वर्गीय ओम प्रकाश गोयल मेमोरियल सीनियर महिला डे नाइट ट्वेंटी-20 कैश प्राइज़ क्रिकेट टूर्नामेंट का पहला संस्करण 3 जुलाई से लोकतंत्र भारत की आत्मा और पहचान : घनश्याम दास अरोड़ा नेक्टर केमिकल फैक्ट्री की भूमिगत पाइपलाइन टूटी, लापरवाही आई सामने, नगरपरिषद के पास रिकॉर्ड तक नहीं रामायण कुशवाहा प्रदेश महासचिव ने रमेश कुमार राजभर को शहीद उधम सिंह जिला का जिला अध्यक्ष नियुक्त किया विश्व संगीत दिवस पर सजा सुरों का उत्सव, कलाकारों ने बिखेरा संगीत का जादू कमांडेंट कमल सिसोदिया ने अधिकारियों एवं जवानों को योगासन, प्राणायाम तथा माइंड योग का अभ्यास कराया राहुल देव बरमन को समर्पित संगीतमयी शाम 28 जून को गवर्नमेंट कॉलेज ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस उत्साह के साथ मनाया हरियाणा लोक भवन में उत्साहपूर्वक मनाया गया 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस योगमय वातावरण से सराबोर हुआ सेक्टर-17, गूंजे स्वास्थ्य और साधना के मंत्र
हिमाचल Trending

हिमाचल: कोटखाई का गुडिया काण्ड प्रदेश के माथे पर कलंक

Read in:Hindi

(MOREPIC1)  पालमपुर, (विजयेन्दर शर्मा)

हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने कहा हिमाचल प्रदेश का कोटखाई का गुडिया काण्ड प्रदेश के माथे पर ऐसा कलंक है जो तब तक नहीं धुलेगा जब तक असली अपराधियों को सजा नही मिलती। कुछ सालों बाद अब इस पर फिर से राजनीति सक्रिय हो रही है।

हिमाचल प्रदेश के इतिहास में पहली बार इस प्रकार की घटना पर कोटखाई में जोरदार प्रदर्शन हुआ, पांच घण्टे का जाम लगा। इतना ही नही कोटखाई के पुलिस थाने को भी आग लगाई गई।

शांता कुमार ने कहा हिमाचल के इतिहास में पहली बार इस प्रकार की घटना में सी.बी.आई. ने पुलिस के आठ अधिकारियों को गिरफ्तार किया जिनमें प्रमुख अधिकारी भी शामिल थे। इनमें आई.जी. रैंक का एक अधिकारी अभी भी जेल में बन्द है। हवालात में एक आरोपी सूरज की पुलिस की मारपीट से मौत हुई, बाद में एक गरीब चरानी नीलू को पकड़ कर अपराधी बनाया गया और उसे सजा सुनाई। घटना के तुरन्त बाद एक सामाजिक कार्यकर्ता ने सोशल मीडिया पर आरोपियों के फोटो डाले थे जो बाद में हटा दिये गये।(SUBHEAD)

शांता कुमार ने कहा यदि एक गरीब चरानी ही अपराधी होता तो पुलिस द्वारा हवालात में एक गवाह सूरज की हत्या न करवाई गई होती। यदि गरीब चरानी ही अपराधी होता तो हिमाचल के इतिहास में पहली बार पुलिस के आठ अधिकारियों को जेल में न डाला जाता। कई वर्षों से आज तक आई.जी. रैेंक का एक अधिकारी जेल में न होता। किसी बड़े अमीर परिवार के अपराधी को बचाने के लिये ही इतना कुछ हुआ। एक गरीब चरानी इतना बड़ा अपराध नही कर सकता था।

उन्होंने कहा,  उस गांव के परिवार के लोग तथा हिमाचल के भी मेरे जैसे सब लोग आज भी यह समझते है कि गुडिया काण्ड में न्याय नही मिला है। कुछ लोग आरोप लगाते है कि असली अपराधी आज भी खुलेआम घूम रहे है। गुडिया 15 साल की माता-पिता की बेटी थी। उससे बलात्कार हुआ और फिर अमानवीय तरीके से उसकी हत्या कर दी गई। यदि यह सच है कि अपराधी आज भी खुलेआम घूम रहे है तो उसका परिवार और लोग क्या सोचते होगें। उनके लिए आजादी के अमृत महोत्सव का कोई अर्थ नही है। 

शांता कुमार ने कहा कुछ वर्ष पहले मैंने एक सुझाव दिया था कि सी.बी.आई. जांच के बाद भी असली अपराधी नहीं पकड़े गये तो हिमाचल सरकार असली अपराधियों को पकड़ने की एक बार और कोशिस करे।

उन्होंने कहा कि मैं हिमाचल प्रदेश के आई.पी.एस. और आई.ए.एस. अधिकारियों को जानता हॅू उन में कुछ बहुत योग्य और ईमानदार अधिकारी है, उन्हीं के सहारे आढ़ाई साल में मैंने इतने अधिक बढ़िया विकास के काम किये थे जिन्हें आज भी जनता याद करती है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि वर्तमान और सेवानिवृत्त आई.पी.एस. और आई.ए.एस. के ऐसे अत्यन्त योग्य ईमानदार अधिकारियों की एक जांच समिति बनाई जाए और हिमाचल के माथे से इस कलंक को मिटाने का प्रयत्न किया जाए।

यदि अपराधी पकड़े गये तो हिमाचल का नाम होगा और हिमाचल के माथे से कलंक भी धुल जाएगा।