Wednesday, 14 October 2026
Breaking News
कानूनी साक्षरता और हमारा संविधान: एक सशक्त और अपराध-मुक्त भारत की नींव जीएमएसएसएस-15 के छात्र लक्ष्य ने एथलेटिक्स में जीते 3 स्वर्ण पदक टाइमलेस मेलोडीज़ स्वर्णिम युग के पुराने गीतों का संगीतमय कार्यक्रम 25 अक्टूबर को दिनदहाड़े हत्या के लाइव वीडियो ने खोली सरकार की पोल: संदीप जाखड़ ओआरसी सैनिक अकादमी में स्वच्छ भारत अभियान एवं गांधी जयंती के अवसर पर भव्य जीके क्विज प्रतियोगिता सम्पन्न युवाओं से भगवान श्री राम के आदर्शों को अपनाने का आह्वान खामोशी और मौन: अंतर्मन की दो अलग अवस्थाएं गुरु नानक गीता कैलाश मेमोरियल फाउंडेशन और रेड क्रॉस सोसाइटी ने लगाया मेडिकल कैंप: 300 से ज्यादा मरीजों की जांच, मुफ्त टेस्ट और दवाइयां भी मिलीं भारत के मीडिया जगत को चाहिए एक समावेशी और सशक्त प्रेस काउंसिल श्री दिगंबर जैन मंदिर में णमोकार मंत्र पाठ एवं भक्तामर दीपार्चना का आयोजन
कविताएँ Trending

नज़र को नज़र से मिलाता गया मैं

Read in:Hindi

ग़ज़ल

नज़र को नज़र से मिलाता गया मैं
तराने वो उल्फ़त के गाता गया मैं

तुझे जब भी पाया तसव्वुर में मैने
ख्यालों के गुलशन सजाता गया मैं

लिखे गीत मैंने तेरे गेसुओं पे
अदाओं पे मिसरे बनाता गया मैं

कहानी वो किस्से वो परियों की बातें
सुनी थीं जो मां से सुनाता गया मैं

मुहब्बत का मेरी ये जादू तो देखो
तुम्हीं को तुम्हीं से चुराता गया मैं

लिखे थे कभी जो मुहब्बत में तेरी
तराने वही गुनगुनाता गया मैं

न रोया कभी भी न आंसू बहाए
भले चोट पे चोट खाता गया मैं

— मनमोहन सिंह 'दानिश'

उल्फ़त: प्यार, मुहब्बत
तसव्वुर: ख्याल, कल्पना
मिसरा: किसी शेर की एक पंक्ति

0 Comments